अंबाला सिटी। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारी बारिश में ही रोष मार्च निकालते हुए राज्यमंत्री असीम गोयल के निवास पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम मांग पत्र सौंपा।
आज ओपीडी में मरीजों के लिए एचकेआरएन कर्मचारी अपनी सेवाएं देते नजर आए। वहीं, एंबुलेंस सेवाओं के लिए भी नियमित कर्मचारी उपलब्ध रहे। कर्मचारियों का कहना बीते 20 वर्षों से एनएच कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस बीच कई कर्मचारी सेवानिवृत भी होकर चले गए। लेकिन इसके बाद भी कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया। यहां तक ही वर्ष 2018 के बाद नाममात्र ही वेतन बढ़ाया गया है।
एनएचएम कर्मियों से बढ़ा स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर
एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला सचिव डॉ. सुनील हरि ने बताया कि वर्ष 2005 से एनएचएम कार्यक्रम सही तरीके से शुरू किया गया था। इसके बाद कर्मचारियों के प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं पर एक आम परिवार का खर्च घटा है। यहां तक कि गर्भवतियों की डिलवरी जो पहले निजी अस्पतालों में अधिक होती थी। एनएचएम कर्मचारियों के प्रयासों से वह बढ़कर 88 प्रतिशत हो गई हैं। वहीं बच्चों के टीकाकरण में भी 77 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी हुई है। जहां पहले मातृ मत्यु दर एक लाख महिलाओं पर 400 थी वह भी घट कर 122 तक आ गई है। पांच वर्ष तक के बच्चों की मौत के मामलों में भी 50 प्रतिशत से अधिक गिरावट आई है। ये सब बदलाव एनएचएम कर्मचारियों की कर्मनिष्ठा से ही हुआ है, लेकिन फिर भी सरकार इन्हें नियमित भी करना नहीं चाहती।
फोटो: 20
इसी प्रकार जारी रहेगी हड़ताल
एनएचएम जिला प्रधान तरणदीप सिंह ने बताया कि अगर सरकार ने उनकी मांगे जल्द पूरी नहीं कि तो वे 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे और मांगे पूरी होने तक अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
फोटो: 16
नियमित कर्मियों की तरह मिले सुविधा
एएनएम अमरजीत कौर ने बताया कि जिले में कुल 130 एएनएम हैं। उन्होंने कहा कि उनसे कई प्रकार के काम लिए जाते हैं। लेकिन नियमित कर्मचारियों के मुकाबले उन्हें वेतन व सुविधाएं नहीं मिलती।
फोटो: 17
हर साल नौकरी जाने का डर
एएनएम गुरमीत कौर ने बताया कि प्रत्येक वर्ष उनका अनुबंध अपडेट होता है। जिसमें उन्हें यही डर बना रहता है कि अगर अनुबंध आगे जारी नहीं रहा तो उनकी नौकरी न चली जाए। इसलिए उन्हें नियमित किया जाना चाहिए।
फोटो: 18
नियमित के मुकाबले एक चौथाई वेतन ही मिल रहा
स्टाफ नर्स राजवंत कौर ने बताया कि नियमित कर्मचारियों के मुकाबले उन्हें सिर्फ एक चौथाई वेतन ही दिया जाता है। जबकि उसे नौकरी करते हुए 12 वर्ष से अधिक का समय हो गया है। इतनी महंगाई में बहुत ही कम वेतन दिया जाता है।
फोटो: 19
अधिकारी बन रहे रोड़ा
स्वास्थ्य कर्मचारी मजदूर संघ के जिला सचिव दौलत राम ने बताया कि उनकी मांगों पर सरकार तब गौर करेगी जब अधिकारी कुछ करेंगे। अधिकारी उनकी फाइलों को सरकार तक पहुंचने नहीं देते। इस कारण उनके काम रुक जाते हैं।
बारिश में रोष मार्च निकालती हुए एनएचएम कर्मी।
बारिश में रोष मार्च निकालती हुए एनएचएम कर्मी।
बारिश में रोष मार्च निकालती हुए एनएचएम कर्मी।
बारिश में रोष मार्च निकालती हुए एनएचएम कर्मी।
बारिश में रोष मार्च निकालती हुए एनएचएम कर्मी।