फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: रेहड़ी संचालकों ने मनाई जीत की खुशी, नगर निगम ने कोर्ट में दोबारा की अपील

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला सिटी। सिटी बस स्टैंड के बाहर बीते 67 दिनों से चल रहे रेहड़ी फड़ी संचालक यूनियन का धरना प्रदर्शन आखिरकार बुधवार को अस्थायी रूप से खत्म हो गया। कोर्ट के ओदशों पर रेहड़ी फड़ी संचालकों ने डोल बजाकर खुशी मनाते हुए जमकर झूमे और लड्डू बांटकर एक दूसरे का मुंह मीठा करवाया। इस दौरान रेहड़ी फड़ी संचालकों ने बस स्टैंड के बाहर अपनी रेहड़िया लगाई।
विज्ञापन

दूसरी ओर इस मामले को लेकर नगर निगम ने कोर्ट में पिछले आदेश को लेकर अपील की है। मगर अभी तक कोर्ट ने इस पर संज्ञान नहीं लिया है। ऐसे में यह मामले आगे और खिंच सकता है। गौरतलब है कि लंबे समय से कारोबार के लिए रेहड़ी फड़ी संचालक बस स्टैंड के पास जगह की मांग कर रहे थे। वह पहले यहीं पर रेहड़ी लगाते थे, मगर प्रशासन ने उन्हें हटा दिया था। इसके बाद रेहड़ी संचालकों ने धरना दिया और मामला कोर्ट तक ले गए। जिस पर कोर्ट ने 12 सितंबर की अगली तारीख देते हुए संचालकों को अग्रिम आदेश तक रेहड़ी लगाने की अनुमति दे दी है। बुधवार को मौके पर आप पार्टी नेत्री चित्रा सरवारा, विनोद धीमान, हजपा पार्टी से राजकुमार गुप्ता, भाजपा पार्टी से संजय लाकड़ा, जजपा जिलाध्यक्ष दलबीर सिंह पूनिया सहित सभी ने अपने अपने विचार साझा किए। रेहड़ी फड़ी संचालक यूनियन की महिला सदस्यों ने इस दौरान खुशी मनाते हुए जजपा नेता विवेक ललाना को राखियां बांधी। वहीं रेहडिय़ां लगाने से पूर्व सिक्ख संगतों द्वारा अरदास की गई। वहीं रेहड़ी फड़ी संचालकों द्वारा ढोल नगाड़ों की थाप पर जश्न मनाया गया। जिसमें सभी रेहड़ी फड़ी संचालक जमकर झूमे।



महिला विरोध करने पहुंची



एक तरफ तो रेहड़ी फड़ी संचालक खुशी मना रहे थे वहीं एक महिला वहां पहुंच गई। उसकी रेहड़ी फड़ी संचालकों से जमकर बहस हुई। चांदनी नाम की महिला ने बताया कि वह भी पहले धरने पर बैठी थी मगर विधायक असीम गोयल को अपशब्द बोले पर उसने धरने से किनारा कर लिया था।
विज्ञापन
















जजपा नेता विवेक ललाना ने कहा कि यह जीत का श्रेय इन सभी रेहड़ी फड़ी संचालकों को जाता है, क्योंकि यह गरीब मजदूर लोग भूखे प्यासे रहकर भी निरंतर धरना प्रदर्शन कर अपना रोष व्यक्त करते रहे। जबकि यह लोग एक आर्थिक संकट से झूझते रहे, मगर इन्होंने बिल्कुल भी हार नहीं मानी ।







रेहड़ी फड़ी संचालक यूनियन के प्रधान रामदास का कहना है, बीते करीब सवा दो महीने से रेहड़ी फड़ी संचालक बेरोजगार चल रहे थे, इस दौरान सभी रेहड़ी फड़ी संचालक दिन रात संघर्ष करते रहे और धरना प्रदर्शन पर एक किरण की उम्मीद लेकर रोष प्रदर्शन करते रहे।





रेहड़ी फड़ी संचालकों को हाई कोर्ट के आदेशों पर सिटी बस स्टैंड के बाहर से उठाया गया था, लेकिन रेहड़ी फड़ी संचालक यूनियन द्वारा इस मामले में कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखा। जिसपर कोर्ट ने आगामी 12 सितंबर तक इनको रेहड़ी फडिय़ां लगाने के आदेश दिए हैं। वहीं इस मामले में बुधवार को नगरनिगम प्रशासन की ओर से कोर्ट में अपील डाली गई है। जिसमें हाई कोर्ट के आदेशों का भी हवाला दिया गया है। बरहाल कोर्ट में डाली गई अपील में कोर्ट ने कोई डेट नहीं दी गई है। इस मामले में कोर्ट के ओदशों की पालना की जाएगी, भविष्य में कोर्ट क्या संज्ञान लेगी इसपर बरहाल कुछ कहना सही नहीं होगा।
विज्ञापन




अंजु चौधरी, नगरनिगम आयुक्त अंबाला।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें