महिला घर की छत को दिखाते हुए। स्वयं
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बराड़ा। पहले बीमारी से पति चला गया और फिर हादसे में इकलौते बेटे की मौत हो गई। किसी तरह विधवा पेंशन के सहारे गुजारा कर रही महिला के सिर की छत भी गिरने को है। जिस कारण वह रातें जागकर काट रही है। यह दास्तां बराड़ा के सिंहपुरा मोहल्ला निवासी पूनम देवी ने बयां की। 58 वर्षीय पूनम देवी ने बताया कि उसके पति ललित कुमार पांच वर्ष पहले बीमारी के कारण चल बसे। उसकी एक बेटी व एक बेटा था। दोनों की शादी कर दी। लेकिन करीब ढाई साल पहले बेटे विक्रमजीत का एक्सीडेंट हो गया। जिससे उसकी मौत हो गई। मौत के बाद उसकी पत्नी अपने घर चली गई और पूृनम देवी अकेली रह गई। विधवा पेंशन मात्र 3000 के सहारे वह अपना गुजारा कर रही है। उसका घर काफी पुराना है, जिसके लेंटर से बारिश के कारण पानी टपकता रहता है। कई दिन पहले वह बरामदे में बैठी थी अचानक छत का काफी प्लास्तर गिर गया। उसने किसी तरह वहां से उठकर अपनी जान बचाई। संवाद