अंबाला। जिला की तहसीलों और अंत्योदय सरल केंद्रों में कार्य करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों के हड़ताल पर जाने से राजस्व विभाग को चार दिनों में 2.55 करोड़ रुपये का फटका पड़ा है। जिला में रजिस्ट्री से लेकर जमाबंद, इंतकाल के कार्य बिल्कुल बंद हैं। वहीं, दूसरी ओर ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी आदि कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह हड़ताल कब तक चलेगी इस पर संशय बना हुआ है।
अभी चार दिनों में जब करोड़ों का नुकसान राजस्व विभाग को हुआ है तो यह हड़ताल आगे बढ़ी तो और भी नुकसान देखने काे मिल सकता है। इस हड़ताल के कारण अंबाला शहर, अंबाला छावनी, नारायणगढ़, बराड़ा, मुलाना, शहजादपुर और साहा में भी राजस्व विभाग का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। जिला में कुल 112 कंप्यूटर ऑपरेटर इस हड़ताल में शामिल हैं। जिन पर तहसीलें व सरल केंद्र निर्भर हैं। ऐसे में अधिकारी तहसीलों में पहुंचकर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
अंबाला जिला में कहां क्या क्या होते हैं कार्य
अंबाला छावनी तहसील में अगर सभी स्थितियां सामान्य रहती तो चार दिनों में 80 के करीब रजिस्ट्री, 80 इंतकाल और 160 के करीब जमाबंदी की जा सकती थीं। मगर यहां एक भी रजिस्ट्री या इंतकाम नहीं हुए। इसी तहर छावनी के अंत्योदय सरल केंद्र में 140 ड्राइविंग लाइसेंस, 120 लर्निंग और 140 के करीब आरसी बनाई जा सकते थे। मगर यह कार्य भी नहीं हो सका। वहीं, अंबाला सिटी में एक दिन में 30 रजिस्ट्री औसतन होती हैं। मगर यहां भी कोई कार्य नहीं हाे सका। इसी प्रकार नारायणगढ़ में सप्ताह में तीन दिन रजिस्ट्री और अन्य कार्य होते हैं, जिसमें से 60 रजिस्ट्रियां हो जाती हैं। बराड़ा में औसतन 12 रजिस्ट्री प्रतिदिन होती हैं। मुलाना में दो दिन रजिस्ट्री के कार्य होते हैं लगभग 20 रजिस्ट्री होती हैं। यही हाल दूसरी तहसीलों का है।
चार दिन में किस तहसील में कितना हो रहा नुकसान
अंबाला छावनी- 72 लाख रुपये
अंबाला सिटी- 80 लाख रुपये
नारायणगढ़- 35 लाख रुपये
बराड़ा- 44 लाख रुपये
मुलाना- 24 लाख रुपये
करनाल में ऑपरेटरों ने धरने में लिया भाग
कंप्यूटर प्रोफेशनल्स संघ के आह्वान पर वीरवार को अंबाला के कंप्यूटर ऑपरेटर सुबह करनाल के लिए रवाना हुए। प्रधान मुकेश और अरुण ने बताया कि वे करनाल में प्रदेशस्तरीय धरने में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर गौर नहीं करती है तब तक वह हड़ताल पर रहेंगे।
क्या हैं मुख्य मांगें
डीआईटीएस का केंद्रीयकरण करते हुए बजट का प्रावधान किया जाए।
सभी कार्यरत कर्मचारियों के पद सर्जित किए जाए।
हरियाणा सरकार की ओर से जो नियमितीकरण की पॉलिसी तैयार की जा रही है उसमें डीआईटीएस के अधीन कार्यरत कर्मचारियों को शामिल करते हुए नियमित किया जाए।
केस 1
आरसी के लिए भटकना पड़ रहा
महेश नगर निवासी राहुल ने बताया कि मुझे कार की आरसी का कार्य अंत्योदय सरल केंद्र में कराने के लिए आया हूं। कई चक्कर लगा लिए। पहले तो ऑपरेटर नहीं है फिर किसी से जानकारी लो तो एक स्थान से दूसरे स्थान पर घुमाए जा रहे हैं।
केस 2
ऑपरेटर हड़ताल पर गए, काम नहीं हुआ
बब्याल निवासी शमशेर सिंह ने बताया कि अंबाला छावनी तहसील में जमाबंदी निकलवाने आया था। कंप्यूटर ऑपरेटर न होने के कारण कार्य नहीं हो सका। आसपास पता किया तो पता चला कि ऑपरेटर हड़ताल पर हैं।