अंबाला सिटी। मंडियों में धान की आवक बढ़ती जा रही है लेकिन उठान अभी भी धीमा है। बारिश के कारण धान में नमी बढ़ गई है। इसलिए उठान में भी समय लग रहा है। नतीजन मंडियों में धान को सुखाने के लिए प्रर्याप्त स्थान नहीं है। मजबूरन किसानों को अपनी फसल मंडियों के बाहर भी सड़क किनारे धान को सुखवाना पड़ रहा है। उठान न होने के कारण किसानों को भुगतान भी देरी से होगा। वहीं, खरीद भी धीमी है। इसलिए किसानों को कई दिनों तक अपनी फसल की रखवाली के लिए मंडियों में ही रातें काटनी पड़ रही है।
अभी तक जिला अंबाला की 14 मंडियों में 1030880 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। लेकिन उठान को देखें तो वह सिर्फ 17 प्रतिशत ही है। इधर बदलता मौसम भी किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। बीते माह हुई बरसात से पक्की फसल खेतों में गिर गई है। इसलिए फसल को काटा भी नहीं जा सकता है।
भीगने से टुकड़ा अधिक निकलेगा
राइस मिलर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान संजीव गर्ग ने बताया कि शनिवार को रात तीन बजे हुई बारिश के कारण मंडियाें में रखा धान भीग गया। इससे धान में बदबू होने लग गई है। अब उन्हें धान को अधिक समय के लिए सुखाना पड़ेगा।
इतना ही नहीं जब इससे चावल निकाला जाएगा तब टुकड़े की मात्रा भी बढ़ेगी। इससे राइस मिलर्स को नुकसान होगा लेकिन अभी तक सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना है। इसलिए वे फिलहाल सीएमआर का काम नहीं करेंगे। फिलहाल एजेंसी धान को खरीद कर अपने गोदामों में ही रखवा रही है।
तीन दिन से नहीं मिला भुगतान
किसान हरभजन सिंह ने कहा कि वह तीन दिन पहले मंडी में अपनी फसल बेच कर गया था लेकिन अभी तक उसकी फसल का उठान नहीं हुआ है। इसलिए उसे तीन दिनों से भुगतान नहीं मिला है। जबकि 72 घंटों में किसानों को भुगतान करने का नियम बना हुआ है।
मशीनों से कटवाना भी मुश्किल हो गया
किसान जगमेल सिंह ने कहा कि बारिश के कारण उनके क्षेत्र में पक्की हुई फसलें गिर गई है। अब मशीनों से कटवाना भी मुश्किल हो गया है। जबकि हाथ से कटवाने में उन्हें अधिक खर्च देना पड़ेगा। वहीं गिरी हुई फसल सुखाने के लिए भी अधिक समय लग रहा है। जिसका खर्च भी उन्हीं की जेब से जा रहा है। जगमेल सिंह अपने साथियों के साथ शुक्रवार रात से ही मंडी में बैठे हैं लेकिन छुट्टी के कारण उनकी फसल की खरीद नहीं हुई है।
सीमित स्थान पर ही फसल सुखानी पड़ी
किसान कुलवंत सिंह ने बताया कि मंडियों में धान की आवक अधिक है और उठान बहुत कम है। इसलिए उन्हें एक सीमित स्थान में ही फसल सुखानी पड़ रही है। इसमें अधिक समय लग रहा है वहीं आवक बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को धान के उठान में तेजी लानी चाहिए, सूखी धान रखने के लिए शैडों में भी जगह कम होती जा रही है। शनिवार रात को हुई बारिश से थोड़ा धान ही भीगा है। रविवार को छुट्टी के कारण खरीद नहीं हुई है। बारिश से भीगने के कारण धान में नमी आ गई है। इसलिए उठान में भी देरी हो रही है।
दिलेल सिंह, मंडी सचिव अंबाला सिटी
स्थान न होने के कारण मंडी की सड़क पर धान उतारते हुए किसान। स्थान न होने के कारण मंडी की सड़क पर- फोटो : संवाद
स्थान न होने के कारण मंडी की सड़क पर धान उतारते हुए किसान। स्थान न होने के कारण मंडी की सड़क पर- फोटो : संवाद
स्थान न होने के कारण मंडी की सड़क पर धान उतारते हुए किसान। स्थान न होने के कारण मंडी की सड़क पर- फोटो : संवाद
स्थान न होने के कारण मंडी की सड़क पर धान उतारते हुए किसान। स्थान न होने के कारण मंडी की सड़क पर- फोटो : संवाद