अंबाला। पहाड़ों में हुई भारी बारिश के बाद उफान पर आई टांगरी ने नदी की जद में बसे सैकड़ों परिवारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार की सुबह आठ बजे से जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ और दोपहर तक नदी में करीब नौ हजार क्यूसेक पानी आ गया। इस सीजन में पहली बार आए इतने ज्यादा पानी ने विभाग के इंतजामों की भी पोल खोल दी। साथ ही न्यू टैगोर गार्डन के पास जद में बसी कॉलोनियों के आगे अस्थायी बांध न बनाने की कमी को भी उजागर कर दिया। जिस जगह पर विभाग बांध बनाना भूल गया, वहां कॉलोनियों की तरफ पानी मार करना शुरू हो गया। गनीमत यह रही कि दिनभर में बरसात नहीं हुई, वरना पानी लोगों के घरों में मार कर देता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष बाढ़ की त्रासदी झेलने के बाद भी इस बार खास इंतजाम नहीं किए गए। स्थिति यह है कि अबकी बार न तो सिंचाई विभाग न ही प्रशासन की तरफ से चेतावनी जारी की गई। ऐसे में अचानक जलस्तर बढ़ने से क्षेत्रवासियों को रात की चिंता सताने लगी है। यहीं कारण रहा कि लोग दोपहर बाद भी जलस्तर कम न होने के कारण खुद को सुरक्षित करने में जुट गए। हालांकि घरों से पूरी तरह से सामान नहीं उठाया। कुछ तो पहली मंजिल पर बने कमरों में सामान रख रहे तो कुछ अपने रिश्तेदारों के घर जाने की तैयारियां कर रहे। उनका कहना है कि अगर नदी का पानी कॉलोनी में मार करता है तो वह सुरक्षित स्थानों पर चल जाएंगे।
काम छोड़कर तुरंत आई घर : गीता
न्यू प्रीत नगर निवासी गीता ने बताया कि वह कोठी में सफाई का काम करती है। जलस्तर बढ़ने की जानकारी मिलने पर काम छोड़कर सामान समेटने के लिए आ गई। उसका कहना है कि अबकी बार तो विभाग की तरफ से पानी आने से पहले कोई अनाउसमेंट भी नहीं की गई।
बांध नहीं किया तैयार, खतरा अधिक : सीमा
महिला सीमा ने बताया कि प्रभु प्रेमपुरम की तरफ तो अस्थायी बांध बना दिया गया है लेकिन उनकी तरफ जो बांध था वो पिछली बार बह गया था। अबकी बार वो तैयार ही नहीं किया गया। ऐसे में टांगरी में जलस्तर बढ़ता है तो सबसे ज्यादा उन्हें खतरा है।
पहाड़ों में बारिश के बाद नौ हजार 200 क्यूसेक पानी आया था। ऐसे में ज्यादा खतरा नहीं था इसलिए अनाउसमेंट नहीं करवाई गई। शाम तो सात बजे के बाद जलस्तर कम होना शुरू हो गया है। फिलहाल क्षेत्रवासियों के लिए खतरे की कोई बात नहीं है।
हरप्रीत, जेई, सिंचाई विभाग
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