भले ही शकुंतला के घर लाखों में एक होने वाली जुड़ी बच्चियां हुई हों लेकिन यह परिवार मुफलिसी में जीवन यापन कर रहा है। हुड्डा सेक्टर-34 में एक किराये में शकुंतला अपने पति चुनचुन व दो बच्चों के साथ रहती है। पति शटरिंग का काम कर परिवार का गुजर बसर कर रहा है।
अब दो जुड़वा और छाती से जुड़ी बच्चियों का जिम्मा भी परिवार पर है। सोने को बैड न ही खाना बनाने के लिए गैस सिलिंडर है। कमरे में दरवाजे और खिड़कियों पर पल्ले भी नहीं है। चादर व चुन्नी बांधकर परिवार गुजर बसर कर रहा है। यहां तक कि रात को भी कभी-कभी कई-कई घंटे लाइट नहीं आती।
स्वास्थ्य विभाग ने भले ही यह कहकर हाथ खड़े कर दिए हो कि इसका कोई उपचार नहीं है लेकिन बच्चियों के परिजनों की ममता को देखते हुए अब समाजसेवी भी आगे आ रहे हैं। जो परिवार से मिलकर उनकी मदद करने का आश्वासन दे रहे हैं। वहीं, बच्चियों को देखने के लिए घर पर आसपास के लोगों का तांता लगा रहा।