संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। गलियों और मुख्य सड़कों पर आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि बुजुर्गों और बच्चों का घर से निकलना खतरे से खाली नहीं है।
हालात यह हैं कि जो लोग कुत्ते के काटने का शिकार होकर वैक्सीन लगवा चुके हैं, वह अब कुत्तों का नाम सुनते ही सहम जाते हैं। अक्सर देखा गया है कि सुबह-शाम घर के बाहर या गली में टहलने वाले बुजुर्गों को ये कुत्ते निशाना बना रहे हैं। इनमें पालतू और आवारा कुत्ते शामिल हैं। सड़कों पर कुत्तों का जमावड़ा देखकर बुजुर्ग या तो पीछे हट जाते हैं या डर के मारे रास्ता बदलने को मजबूर हैं। अब कुत्ते लगभग हर गली-मोहल्ले और मुख्य सड़कों पर झुंड बनाकर बैठे रहते हैं।