उत्तराखंड के चमोली जिले से नशे की हालत में एक मासूम बच्ची को लेकर पिता लापता हो गया था। 10 दिनों बाद सूचना मिलने पर अंबाला पुलिस ने बस स्टैंड से बच्ची को बरामद किया। इसके बाद चाइल्ड लाइन अंबाला को इसकी जानकारी दी गई। वीरवार को बच्ची को मां और मामा के सुपुर्द कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार लालकुर्ती पुलिस चौकी से पुलिसकर्मी ने चाइल्ड लाइन अंबाला को सूचना दी कि एक व्यक्ति शराब के नशे में है, जिसके साथ एक छोटी बच्ची है। चाइल्डलाइन डायरेक्टर गुरदेव सिंह मंडेर ने टीम का गठन कर बच्ची को रेस्क्यू करने के लिए भेजा। इसके बाद चाइल्ड लाइन टीम ने लालकुर्ती पुलिस चौकी पहुंच बच्ची को संरक्षण में लिया। टीम सदस्यों के अनुसार बच्ची के पिता शराब के नशे में थे। उसने अपने शहर का नाम चमोली, उत्तराखंड बताया। चाइल्ड लाइन टीम द्वारा चमोली उत्तराखंड में पुलिस से संपर्क किया गया। चमोली पुलिस को व्यक्ति और बच्ची की जानकारी दी गई, जिससे टीम को पता चला कि उपरोक्त व्यक्ति घर से नाराज होकर 10 दिन पहले मां से जबरन बेटी को लेकर राजपुरा अपनी बहन के घर आया था और वहीं रह रहा था। इसके बाद 26 जुलाई की शाम को वह बच्ची को लेकर बस से दिल्ली जा रहा था। अंबाला कैंट बस स्टैंड के पास बेसुध हालत में पिता को देखकर इसकी जानकारी डायल 112 हेल्पलाइन को दी गई। डॉयल 112 पुलिस द्वारा बच्ची को लालकुर्ती पुलिस चौकी में सौंपा गया।
लालकुर्ती पुलिस चौकी द्वारा बच्ची के संरक्षण और देखभाल के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही टीम ने बच्ची को संरक्षण में लिया और सिविल अस्पताल अंबाला में मेडिकल करवाया गया, जहां चिकित्सक ने बच्ची को सामान्य बताया। इसके बाद बच्ची व पिता की जानकारी बाल कल्याण समिति चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा को दी गई व बच्ची की सुरक्षा को देखते हुए अस्थायी आश्रय के ऑर्डर बाल आश्रम को कर दिए गए। दूसरी ओर सूचना मिलते ही बच्ची के परिजन चमोली से अंबाला के लिए रवाना हुए। बुधवार की देर रात बच्ची की मां और मामा अंबाला पहुंचे। बाल कल्याण समिति चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा और चाइल्ड लाइन कोऑर्डिनेटर अजय तिवारी की मौजूदगी में बच्ची को मां के सुपुर्द कर दिया गया। बच्ची की मां ने बताया 10 दिन पहले पिता ही बच्ची को लेकर घर से चले गए थे। उसने इस संबंध में गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी।