अंबाला। सिंचाई विभाग ने बाढ़ प्रबंधन के लिए मुलाना में मारकंडा के साथ अंबाला छावनी की टांगरी नदी में अब अपने स्तर पर ही बांधों को मजबूत करने व गहरा करने का काम शुरू कर दिया है। करोड़ों की निविदा जारी होने व काम में समय लगने के कारण विभाग ने इमर्जेंट वर्क यानी आपातकालीन स्थिति को देखते हुए यह काम शुरू किए है ताकि लोगों को बाढ़ से बचाया जा सके। इन कामों का वीरवार को हरियाणा के सिंचाई मंत्री डॉ. अभय यादव ने जायजा लिया। विभाग के संबंधित अधिकारियों के साथ मंत्री डॉ. अभय यादव खुद भी पैदल दोनों नदी में उतरे और मौके पर जाकर जायजा लेते हुए तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
दरअसल, अमर उजाला ने टांगरी व मारकंडा की स्थिति का जायजा लेकर प्रमुखता के साथ लगातार समाचार प्रकाशित किए थे। जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया है। सिंचाई मंत्री डॉ. अभय यादव सबसे पहले वह सुबह 9 बजे टांगरी नदी में रामपुर सरसेहड़ी बांध का जायजा लेने पहुंचे और मौके पर खुदाई के लिए लगी मशीनों को देखा। साथ ही अधिकारियों से पूछा कि यह काम कब तक पूरा हो जाएगा। उसके उपरांत वह मुलाना के हेमा माजरा गांव में गए, जहां फिलहाल अस्थाई बांध बनाने का कार्य शुरु किया गया है ताकि मारकंडा नदी का पानी बरसात के मौसम में गांव की ओर मार न करें। वहीं कुछ लोगों ने पहली बार किसी मंत्री के दौरे को सराहा भी। मंत्री के साथ पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी, मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती, इंजीनियर चीफ राकेश चौहान, सिंचाई चीफ नितेश जैन, एसई सिंचाई विभाग अंबाला ए.के.रघुवंशी, एक्सईएन कृष्ण कुमार भी मौजूद रहे।
औद्योगिक क्षेत्र सहित दर्जनों कॉलोनी में नहीं मार करेगा टांगरी का पानी
सिंचाई विभाग की तरफ से इमर्जेंट वर्क के तहत डीएवी रिवरसाइड स्कूल से लेकर रामपुर सरसेहड़ी की तरफ बांध को पक्का करने का काम किया जा रहा है। इस काम का सिंचाई मंत्री डॉ. अभय यादव ने जायजा लिया था। इस बांध से मजबूत होने से औद्योगिक क्षेत्र व आसपास की दर्जनभर कॉलोनियों, रामपुर व सरसेहड़ी में पानी मार नहीं करेगा। इसके अलावा टांगरी नदी में उगी झाड़ियों को भी साफ किया जा जाएगा। उसके बाद में दलीपगढ़ बांध को मजबूत करने का काम होगा। हालांकि इन बांध पर पत्थर लगाने का टेंडर है और वो करोड़ों का है लेकिन उस टेंडर का काम शुरू होने में ही करीब दो माह का समय लग जाएगा इसलिए विभाग ने इसे शुरू कर दिया है। टांगरी नदी में विभाग की तरफ से दो डंपर, दो ट्रैक्टर-ट्राली, दो पॉकलेन मशीन लगाकर काम किया जा रहा है।
-
एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निर्देशक ने भी लिया औद्योगिक क्षेत्र का जायजा
हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के प्रबध निदेशक सुनील सारवान चंडीगढ़ ने वीरवार को औद्योगिक क्षेत्र अंबाला छावनी का दौरा किया। औद्योगिक क्षेत्र के चारों और ऊंचाई को बढ़ाने का काम प्रगति पर है। दरअसल, पिछले वर्ष जुलाई 2023 में बरसात और बाढ़ के पानी से स्थानीय उद्योगपतियों का करोड़ों का नुकसान हुआ था। इस वर्ष मानसून आने से पहले ही औद्योगिक क्षेत्र के लोग भयभीत है। हालांकि की स्थिति से निपटने के लिए निगम ने औद्योगिक क्षेत्र के चारों ओर से पाने से बचाने के लिए बांध को और मजबूत बनाने के लिये कार्य शुरू कर दिया है। इस एरिया को मिट्टी की ऊंचाई से बांधा जा रह है जिसमें सात प्वाइंट पर कमजोरी लगी उस स्थान पर 2.4 मीटर ऊंचाई की आरसीसी से पक्का किया जा रहा है। इस कार्य को मानसून से पहले पूरा करने के लिए स्थानीय उद्योगपति गत दिन मुख्यमंत्री नायब सैनी को भी मिले थे। इस कड़ी में चंडीगढ़ से आये प्रबंध निदेशक सुशील सारवान ने स्थानीय एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों के साथ मौके का जायजा लिया। मोके पर ठेकेदार दिनेश शर्मा व अधिकारियों को बुलाकर काम की गति को और तेज करने व काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिये। इस मौके पर स्थानीय उद्योगपति, राजबीर चौधरी, सुभाष धीमान, सुरिंदर सिन्दा,कपिल वर्मा, मगन रस्तोगी, यशवंत गुप्ता, सुभाष मित्तल, परवीन जैन,राजिंदर जैन आदि उपस्तिथ रहे।
मंत्री को दिखाया बाढ़ के बाद बना टापू जैसा हिस्सा, समाधान की मांग भी उठाई
मुलाना। हेमामाजरा गांव में सिंचाई मंत्री डाॅ.अभय यादव मारकंडा नदी तक गए और जायजा लिया। विभाग द्वारा बुधवार से ही हेमामाजरा गांव में फिलहाल अस्थायी बांध बनाने का कार्य शुरु किया गया है। मंत्री अभय यादव को ग्रामीणों ने मारकंडा नदी में बाढ़ के बाद बने टापू जैसे हिस्से को भी दिखाया और उसके समाधान की बात की । मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए की टापू जैसे हिस्से को हटाया जाए ताकि मारकंडा नदी के पानी को आगे जाने के लिए ज्यादा रास्ता मिल सके । इसके अलावा मंत्री अभय यादव ने अधिकारियों को हेमामाजरा में स्थायी बांध के लिए भूमि एक्वायर करने के लिए किसानों का डाटा ई भूमि पोर्टल पर जल्द अपलोड करने के निर्देश दिए। ताकि हेमामाजरा में स्थायी बांध बनाने के कार्य को जल्द पूर्ण किया जा सके।
बता दें कि हेमामाजरा गांव में मुलाना मारकंडा नदी के पुल से लेकर हेमामाजरा तक करीब 930 मीटर एरिया में बांध नहीं है। इसी एरिया से 2023 में मारकंडा नदी के पानी ने कई गांवों की हजारों एकड़ फसलों को बर्बाद किया था। जिसके बाद से ही गांव के किसान उक्त जगह पर पक्का बांध बनाने को लेकर प्रयासरत है। ग्रामीणों के अनुसार विभाग ने इसमें ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिसके चलते बांध का के कार्य में देरी हुई। जबकि किसान अपनी जमीनें देने को तैयार थे । अब बरसात के मौसम में कम समय रहने पर विभाग द्वारा मिट्टी डालकर अस्थाई बांध बनाया जा रहा है। ताकि बरसात के मौसम में मारकंडा नदी का पानी गांव की ओर न जाए।
-