अंबाला। सरकार की ओर से एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू करने के निर्देश दिए थे। मगर मंडियों में व्यवस्थाएं नहीं दिखीं। इसमें अंबाला सिटी की नई अनाज मंडी के हालात तो काफी खराब दिखे। मगर इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद अब मार्केट कमेटी ने कदम उठाया है और सफाई शुरू कराई है।
सोमवार को कमेटी के कर्मचारी मंडी में शेड और नालियों के आसपास पड़ी गंदगी को उठाते दिखाई दिए। किसानों के आने पर पेयजल की व्यवस्था भी की है। यहां पांच आरओ को सुचारू कर दिया है। दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्र की बात करें यहां मंडियों की काफी खराब हालात नजर आ रहे हैं। दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बनी मंडियों के हाल अभी भी खस्ता है। मुलाना, शहजादपुर, बराड़ा, साहा में सफाई व्यवस्था के बुरे हाल है।किसी मंडी में शेड के नीचे घास उगी है तो किसी मंडी में नालियों, प्रवेशद्वाराें पर गंदगी के ढेर हैं।
शहर की अनाज मंडी में यह उठाए कदम
-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है।
-किसानों के खाने के लिए अटल कैंटीन में भी काम शुरू कराया जा रहा है। जहां पर किसान सिर्फ 10 रुपए देकर खाना खा सकते हैं।
-सुरक्षा को लेकर मंडी में सीसीटीवी लगाए हैं तो वहीं पुलिस अधिकारियों को भी गश्त बढ़ाने को लिखा है।
मुलाना मंडी में टूटी सड़कें
मुलाना। मुलाना अनाज मंडी में सोमवार को गेहूं की खरीद शुरू होनी थी, लेकिन अनाज मंडी में गेहूं नहीं आया। मंडी में अभी भी अवस्थाएं हैं। हालात ऐसे है कि मुलाना अनाज मंडी की सड़कों की रिपेयर तक नहीं की। सड़कों में गड्ढे हैं, जिन्हें ठीक करने की दरकार है। इसके अलावा अनाज मंडी में सीवरेज ठप हैं। इससे बारिश आने पर पानी निकासी की समस्या पनप जाती है। अनाज मंडी में सालों से सीवरेज बंद हैं। इतना ही नहीं अनाज मंडी में लगे वाटर कूलरों में दो नलों के बजाय एक ही नल लगाया है। मुलाना आढ़ती प्रधान रणजीत सिंह ने बताया कि आढ़तियों द्वारा मांग के बावजूद इन शेडों की रिपेयर नहीं की। ऐसे में गेहूं की खरीद के समय परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
बराड़ा मंडी में कूड़े के ढेर
बराड़ा। बराड़ा मंडी में भी गेहूं खरीद के लिए तैयारियां अधर में हैं। बिजली, पेयजल और शौचालय का बुरा हाल है। मंडी में जगह-जगह कूड़ा है। सड़कें भी टूटी हैं। हालांकि खरीद प्रारंभ होने से पूर्व डीसी ने भी कई बार अधिकारियों को मंडी में किसानों के सुविधा के दृष्टिगत सड़क, बिजली, पेयजल और शौचालय आवश्यक प्रबंधों को समय से पूर्व अंतिम रूप देने के आदेश दे जारी किए थे। परंतु अब तक ऐसा नहीं हो पाया। कृषि विपणन सचिव राहुल मेव का कहना है कि उच्च अधिकारियों को किसानों की सुविधा संबंधी प्रबंधों के विषय में अवगत कराया था। इस पर जल्द काम होगा।