नारायणगढ़ स्थित खतौली आश्रम में प्रवचन करते स्वामी ज्ञाननाथ महाराज। प्रवक्ता
नारायणगढ़। निराकारी जागृति मिशन के चेयरमैन एवं संत सुरक्षा मिशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महामंडलेश्वर एडवोकेट सतगुरु स्वामी ज्ञान नाथ महाराज ने कहा कि भक्ति मार्ग में शब्द की साधना ही सर्वश्रेष्ठ है। शब्द ही नाद, नूर और निराकार का संगम है, जिसके बिना सृष्टि की कल्पना भी असंभव है। नववर्ष 2026 पर एकता का आह्वान करते हुए स्वामी ने श्रद्धालुओं को प्रेरित किया और कहा, हम सब एक ही ईश्वर की संतान हैं। इसलिए धर्म, मत, पूजा पद्धति और स्वार्थ के भेदभाव को त्यागकर एक को जानें और एक हो जाएं। उन्होंने बल दिया कि मिशन और परंपराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन सबका पालनहार एक ही परमपिता परमात्मा है। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। संवाद