फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्री राम-सीता विवाह का मंचन देख दर्शक मंत्रमुग्ध

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला। छावनी के बीपीएस प्लेनेटोरियम में चल रही बजाजा बाजार की रामलीला में छठे दिन की शुरूआत विधि विधान से हुई। इसमें भगवान श्री राम का सीता से विवाह का प्रसंग दर्शाया गया। वृंदावन के कलाकारों ने स्वयंवर प्रसंग दर्शाया कि सीता स्वयंवर पर प्रत्यंचा चढ़ाना कोई सरल कार्य नहीं था। श्री राम ने जनकपुर के स्वयंवर में अद्भुत वीरता दिखाई। जिस धनुष को राजा-महाराजा हिला नहीं सकें, उस धनुष को उठाकर रामजी ने माता सीता से विवाह किया।
विज्ञापन

माता सीता ने रामजी के गले में वर माला डालकर उन्हे पति के रूप में स्वीकार किया। राम कथा में सीता की विदाई हुई। जनकपुर से जब सीताजी की विदाई हुई तब उनके माता-पिता ने उन्हें ससुराल में कैसे रहना है इसकी सीख दी। प्रत्येक माता-पिता को अपनी पुत्री के विवाह के समय ऐसी ही सीख देनी चाहिए। कन्या को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जिससे ससुराल व मायका दोनों कुल कलंकित हों। इस मौके पर प्रधान संजीव जिंदल, महासचिव कैलाश नाथ धीर, उपप्रधान मदन लाल रस्तोगी, दीपक कुमार व संयुक्त सचिव राजेंद्र ओबराय, कोषाध्यक्ष संदीप जिंदल, स्टेज सचिव अतुल गोयल, मीडिया प्रभारी अशोक कुुमार नैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें