रेलवे स्टेशन की आरपीएफ पोस्ट पर हवालात से भागे चोर का मामला उलझता नजर आ रहा है। हालांकि चोर को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है जोकि 21 अक्तूबर तक जेल में रहेगा। वहीं प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि आरपीएफ एसआई व काॅन्स्टेबल पर निलंबन की जो गाज गिरी है वो तथ्यों को छिपाने को लेकर गिरी है, क्योंकि शनिवार रात एक बजे आरोपी हवालात से फरार हुआ था और वो सुबह सात बजे दोबारा पकड़ा भी गया। बावजूद इसके यह जानकारी विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ तुरंत साझा नहीं की गई।
आरपीएफ पोस्ट प्रभारी सहित अन्य दो कर्मचारियों को बेशक निलंबित कर दिया गया है। हालांकि अभी उन्हें इस मामले को लेकर विभाग ने कोई चार्जशीट जारी नहीं की है। इस चार्जशीट के माध्यम से ही उन पर आरोप व प्रत्यारोप को लेकर कार्रवाई की जाएगी। इसमें उनसे वो भी जानकारी मांगी जाएगी, जिन्हें विभागीय अधिकारियों ने लापरवाही माना है।
यह था मामला
सात अक्तूबर को आरपीएफ की एसआई कविता व अन्य कर्मचारी चोरी के मामले को लेकर जांच पड़ताल कर रहे थे। इस दौरान मुखबिर की सूचना पर इंस्पेक्टर की अध्यक्षता में गठित टीम ने आरोपी सिकंदर को पकड़ा तो उसके कब्जे से रेलवे सिग्नल में इस्तेमाल होने वाले लाल रंग के तार के चार टुकड़े व काले रंग के पांच टुकड़े बरामद हुए। आरोपी को रात को आरपीएफ पोस्ट पर लाकर रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले की आगामी जांच एसआई बिजेंद्र सिंह को सौंपी गई थी।
इस दौरान हवालात में रोजनामचा लेखक व थाना संतरी की ड्यूटी पर तैनात महिला सिपाही राजगीरी मीना तैनात थी और उसकी निगरानी में ही आरोपी को हवालात में बंद किया गया। रात 12 बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद काॅन्स्टेबल अमित कुमार ने बतौर रोजनामचा लेखक व थाना संतरी ड्यूटी के तहत कार्यभार संभाला और आरोपी के संबंध में भी जानकारी ली जोकि पोस्ट के अंदर हवालात में बंद था। देर रात लगभग एक बजे आरोपी ने बताया कि उसे बीड़ी पीनी की तलब लगी है। काॅन्स्टेबल अमित ने बिना ड्यूटी अधिकारी को जानकारी दिए आरोपी को चाय देने के लिए हवालात का दरवाजा खोल दिया। इस दौरान अमित कंट्रोल से आए फोन पर व्यस्त हो गया और आरोपी मौका देखकर हवालात से भाग गया।