अंबाला सिटी। राजकीय प्राथमिक पाठशाला के शिक्षक बच्चे बन गए हैं। इन शिक्षकों को बच्चों की तरह पढ़ाई कराई जा रही है। इन शिक्षकों का बच्चों की तरह ग्रुप बनाकर उनको पढ़ाया जा रहा है और साथ ही किस तरह से कक्षा से उठकर खड़े होना है और शिक्षक को गुड मॉर्निंग बोलना है।
यह भी सिखाया जा रहा है। यही नहीं शिक्षकों को किताब पढ़वाकर भी देखी जा रही है। गलत पढ़ने पर शिक्षकों को डांट भी लगाई जा रही है। दरअसल, जिले के करीब 478 राजकीय प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों को एफएलएन प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बुनियादी साक्षरता और भाषीय ज्ञान को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले में करीब 980 गुरु जी प्रशिक्षित किए जाएंगे। शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए अलग-अलग बैच बनाए गए हैं। एक बैच में करीब 40 शिक्षक प्रशिक्षण ले रहे हैं। पहले एफएलएन के जरिए बालवाटिका से तीसरी कक्षा तक बच्चों को लिया गया था। इस सत्र से चौथी और पांचवीं कक्षा को भी लिया गया है। अब चौथी व पांचवीं कक्षा को पढ़ाने वाले शिक्षकों का प्रशिक्षण चल रहा है।
इन स्कूल और संस्थानों में दे रहे प्रशिक्षण
अंबाला वन में पीएमश्री राजकीय स्कूल बलदेव नगर, अंबाला टू में राजकीय स्कूल बकरा मार्केट, बराड़ा में राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल बराड़ा, साहा में राजकीय उच्च विद्यालय रामपुर छप्परा, नारायणगढ़ में पीएम श्री राजकीय स्कूल नारायणगढ़, शहजादपुर में बीईओ कम बीआरसी शहजादपुर में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा अंबाला खंड वन में 7, अंबाला टू में 5, बराड़ा में 3, साहा में 3, नारायणगढ़ में 4 और शहजादपुर में 3 बैच बनाए हैं। शहर के बलदेव नगर पीएमश्री राजकीय स्कूल में चल रही एफएलएन प्रशिक्षण के तीसरे दिन का शुभारंभ ईश्वर वंदना के साथ किया।
इसके बाद पिछले दो दिन में हिंदी भाषा शिक्षण पर हुए कार्य पर एक क्विज रखी गई। अंबाला खंड वन बीईओ सतबीर सिंह ने एफएलएन प्रशिक्षण के महत्व के बारे में संबोधित किया गया।इसके बाद डायरी पठन वाली गतिविधि कराई गई। जिस पर अध्यापकों ने अपने दूसरे दिन के अनुभवों और समझ को साझा किया। तीसरा दिन गणित विषय को समर्पित था। जिसके अंतर्गत पांच ई, ईएलपीएस, थ्री मैक्सिमस और एनईपी के अनुसार गणित के आधार स्तंभ, अंकों का जादू गतिविधि सहित पाठ योजना पर बताया गया।
एनईपी गणित के फंडामेंटल पर चर्चा की गई। 2024-2025 के अकादमिक प्लान पर चर्चा भी की गई। जिला एफएलएन समन्यवक मनोज कुमार व संपर्क टीम से कुमारी पूजा ने प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण किया। प्रशिक्षण को दो बैच में चलाया गया। प्रथम बैच में मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका नीतू और प्रवीण ने निभाई और दूसरे बैच में मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका नेहा बोस और नवनीत कौर ने निभाई। प्रशिक्षण में डीआरजी की भूमिका बीआरपी डॉ. प्रिया, बीआरजी की भूमिका एबीआरसी दीपिका, एबीआरसी कमलेश और हितेशिता ने निभाई।