अंबाला सिटी। टीबी बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। इस समय 1175 कुल सक्रिय मरीज हैं। जिनको विभाग की ओर से उपचार दिया जा रहा है। वहीं एक साल में करीब 3200 टीबी के मरीज सामने आए हैं। विभाग के अनुसार टीबी मुक्ति अभियान को लेकर पूरे छह माह तक मरीज पर पूरी निगरानी रखी जाती है। इसके बावजूद कई मरीजों की स्थिति बहुत ज्यादा गंभीर हो जाती है। जिसका नतीजा यह निकला है कि एक साल में करीब 119 मरीज केवल टीबी के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। विभाग की माने तो पिछले कई सालों के आंकड़ों के अनुसार काफी सुधार हुआ है। वहीं इस गति में वह तेजी के साथ कार्य कर रहे हैं।
विभाग की ओर से जहां तेजी के साथ सैंपलिंग की जा रही है वहीं जिन मरीजों में टीबी की पुष्टि हो रही है, उन्हें तुरंत उपचार भी दिया जा रहा है। न केवल सरकारी अस्पताल बल्कि निजी अस्पताल में उपचार करवाने वालों पर विशेष रूप से निगरानी रखी जा रही है। अगर इस समय की बात करें तो पिछले दो माह में 609 नए मामले टीबी के सामने आए हैं। इसमें से 484 मरीज सरकारी अस्पताल में उपचार करवा रहे हैं। वहीं 125 मरीज प्राइवेट अस्पताल में उपचार करवा रहे हैं।
2025 तक रखा गया है टीबी मुक्ति का लक्ष्य
टीबी मुक्ति को लेकर हरियाणा ने 2025 तक का लक्ष्य रखा हुआ है। इसको लेकर स्टेट टास्क फोर्स का गठन करने से लेकर डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने का कार्य भी किया जा रहा है। इसके अलावा अत्यधिक आधुनिक लैब भी स्थापित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे कि मरीजों में टीबी की पुष्टि जल्द से जल्द कर उसका सही समय पर उपचार दिया जा सके। वहीं जो लोग सक्षम नहीं है उन्हें राशन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है, ताकि उन्हें खाने को लेकर परेशानी न हो। इसके अलावा अन्य योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है।
टीबी को लेकर विभाग की ओर से तेजी के साथ कार्य किया जा रहा है। सरकार की ओर से जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उसी के अनुसार ही तेजी के साथ कार्य कर रहे हैं।
- डॉक्टर हितेष, नोडल इंचार्ज, टीबी।