टांगरी किनारे बनी सड़क के आसपास लगे गंगदी के ढेर।
अंबाला। टांगरी का जलस्तर कम हो गया है, लेकिन बाढ़ के बाद अब गंदगी और मृत पशुओं की देह लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। इस कारण पूरे क्षेत्र में बदबू का आलम है, वहीं मक्खी-मच्छर भी पनप रहे हैं।
अगर जल्द ही समस्या का समाधान हुआ तो महामारी का खतरा रहेगा। ऐसे में अब स्थानीय लोगों को प्रशासन से ही उम्मीद है कि वो उनकी इस समस्या का भी समाधान करेंगे। लोगों ने बताया कि बाढ़ के कारण जो कपड़े और अन्य सामान खराब हो गया था उसे अब सड़क के आसपास फेंका जा रहा है। इस दौरान कुछ जानवरों की भी मौत हो गई थी, उन्हें भी खुले में फेंका जा रहा है जोकि अब एक बड़ी मुसीबत बनते जा रहे हैं।
इसलिए पूरी सड़क पर सफाई करवाना बेहद जरूरी है। वो अपने घरों को तो दुरुस्त कर रहे हैं, लेकिन गंदगी व मृत पशुओं से निपटना प्रशासन का काम है। इसलिए प्रशासन से आग्रह है कि वो जल्द से जल्द इस तरफ ध्यान दें ताकि लोगों को राहत मिल सके।
कीचड़ निकालने के लिए भर रहे शुल्क
टांगरी नदी के साथ लगती कॉलोनियों में रहने वाले लोग इन दिनों घर में जमी कीचड़ से जंग लड़ रहे हैं, क्योंकि बाढ़ के कारण लोगों के घर में अभी कीचड़ है। इसको निकालने के लिए लोगों के पसीने छूट रहे हैं। कई लोग तो खुद ही घरों से कीचड़ निकाल रहे है, जबकि कई लोगों ने 1500 रुपये से लेकर 3500 रुपये में श्रमिकों को काम पर लगाया है। न्यू टैगोर गार्डन निवासी कमला रानी ने बताया कि उसके घर में तीन फुट तक पानी जमा था। इस पानी में घर का सारा सामान खराब हो गया। पानी तो जैसे तैसे निकल गया, लेकिन अब घर में हर जगह कीचड़ ही कीचड़ है।इसके बाद बुजुर्ग महिला ने घर से कीचड़ निकालने के लिए श्रमिक बुलाए जोकि महिला से कीचड़ निकालने के 1500 रुपये ले गए। इसी तरह से अमन नगर निवासी शांति देवी ने बताया कि बाढ़ के पानी के कारण घर में दो फुट तक कीचड़ जमा था। इसे निकालने के लिए उसने श्रमिक बुलाए। उन्होंने कीचड़ निकालने के लिए पांच हजार रुपये मांगे, लेकिन उनकी बात 3500 रुपये में तय हुई, तब जाकर घर से कीचड़ निकला । वहीं रेखा ने बताया कि उसके घर में कमर तक पानी जमा था, पानी निकलने के बाद घर से कीचड़ निकालने के लिए श्रमिक बुलाए, उन्होंने पांच हजार रुपये मांगे तो उसने रुपये न होने के कारण मना कर दिया। इसके बाद महिला ने खुद ही परिवार के साथ मिलकर तीन-चार दिन तक लगातार घर से कीचड़ निकालने का कार्य जारी रखा।
टांगरी किनारे बनी सड़क के आसपास लगे गंगदी के ढेर।