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Ambala News: एसकेएम से जल्द बन सकती है बात, चढूनी गुट बाहर से करेगा समर्थन

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अंबाला सिटी। किसान आंदोलन 2.0 की आगामी रूपरेखा आगे चलकर बदल सकती है। शंभू बॉर्डर पर डटे किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं की मानें तो संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से जल्द ही उनकी बात बन सकती है।
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संयुक्त किसान मोर्चा उनकी मांगों पर सहमत है, अब एक आगामी बैठक होगी, जिसमें तय किया जाएगा कि किस प्रकार से संयुक्त किसान मोर्चा अपनी एंट्री लेता है। किसान आंदोलन के मीडिया प्रभारी महेश चौधरी का कहना है कि एसकेएम से लगातार आंदोलन कर रहे किसान मजदूर मोर्चा के किसान नेता संपर्क में हैं। बैठकों में सकारात्मक संकेत भी मिले हैं, अब आगामी समय में एक बैठक होनी है जिसमें एसकेएम के साथ को तय किया जाना है। हालांकि बैठक को लेकर अभी तक दिन और तारीख की घोषणा नहीं हुई है।
महेश चौधरी यह भी बताते हैं कि उन्होंने भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के समक्ष आंदोलन चलने तक चुनाव न लड़ने की घोषणा करने की शर्त रखी थी, वह तो मानी नहीं गई है। मगर चढूनी गुट ने बाहर से समर्थन देने की बात कही है। ऐसे में आने वाले समय में चढूनी गुट के किसान भी इस आंदोलन में समर्थन करते दिखाई देंगे। वहीं भाकियू चढूनी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि बाहर से किसान आंदोलन को समर्थन करने की बात तो हम पहले दिन से ही कर रहे हैं। आंदोलन कर रहे किसान संगठनों ने छह मार्च की दिल्ली कूच की कॉल दी है, इस पर हमारी क्या रणनीति रहेगी इसका फैसला मंगलवार को कुरुक्षेत्र में संगठन बैठक कर तय करेगा। वहीं दूसरी तरफ सोमवार को शंभू बॉर्डर पर शांति रही। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को मंच पर काफी खरी खोटी भी सुनाई।
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नाराजगी की बात किसान नेताओं ने नकारी

दरअसल खनौरी बाॅर्डर पर जान गंवाने वाले किसान शुभकरण के गांव में अंतिम अरदास में मंच से किसान नेता रणजीत राजू राजस्थानी, भाकियू शहीद भगत सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी व अन्य नेताओं की नाराजगी की बात सामने आई थी। सोशल मीडिया पर चले वीडियाे में बताया गया था कि वह मंच से नाराज होकर नीचे उतर गए। इस मामले में किसान नेता और मीडिया प्रभारी रणजीत राजू राजस्थानी ने बताया कि उनकी कोई संगठन से नाराजगी नहीं है। वह 9 फरवरी से घर से बाहर थे और अब अपने घर को देखने गए हैं। मंगलवार को दोबारा से मोर्चे के साथ शंभू बॉर्डर पर जिम्मेदारी निभाएंगे। वहीं वह सभी नेता किसी कार्य के कारण मंच से उतरकर गए थे।
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