अंबाला। आमजन अभी तक बाढ़ के मंजर को भूला भी नहीं था कि एक बार फिर घग्गर और टांगरी उफान पर आ गई। इस बार पहाड़ों की बारिश ने टांगरी के नजदीक बसी कॉलोनियों में बाढ़ से हालात बना दिए।
टांगरी बांध के भीतर न्यू प्रीत नगर में आए नदी के पानी में करीब 17 वर्षीय दो किशोर डूबने से बाल-बाल बचे। देररात तक घग्गर नदी के उफान पर आने के कारण अंबाला हिसार रोड जलमग्न हो गया है। इसके अलावा टांगरी का पानी भी डीएवी रिवर साइड स्कूल तक पहुंच गया। इस वजह से जीटी रोड पर जाम लग गया। इसे पुलिस ने खुलवाया।
इतना ही नहीं इस पानी ने डीएवी स्कूल से अंबाला-जगाधरी हाईवे पर भी जलभराव की स्थिति कर दी। करीब छह घंटे यानी रात करीब नौ बजे तक हाईवे पर पानी रहा और यातायात भी प्रभावित रहा। तबाही का यह मंजर फिर देखकर लोग परेशान हैं। घरों में छह से सात फीट तक पानी रहा। लोग सामान समेटकर छतों पर बैठे थे तो कुछ बांध पर बनी सड़क किनारे ही सामान लेकर नजर आए। उधर, उफान पर आई टांगरी को देखने के लिए भी लोगों की हाईवे किनारे भारी भीड़ देखने को मिली।
15 हजार का अलर्ट, पहुंच दोगुना पानी : मोरनी, रायपुररानी और बरवाला में हुई भारी बारिश के बाद शनिवार को सुबह के समय करीब 15 हजार क्यूसेक पानी आने का ही अलर्ट था। सिंचाई विभाग के अलावा पुलिस और परिषद की ओर से इलाके में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए अलर्ट किया गया था। अधिकतर लोग इस बात से भी बेखबर थे कि पहले की तरह पानी नहीं आएगा। दोपहर 2 से 4 बजे के करीब पानी का स्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि 26 हजार क्यसेक तक पहुंच गया। देखते ही देखते पानी ने नदी की जद में बसी कॉलोनी के अलावा बाहरी इलाकों में भी मार कर दी।
सहमे परिवार, सड़क पर गुजरी रात : सिंचाई विभाग की तरफ से रात करीब आठ बजे के बाद पानी का जलस्तर घटने की बात कहीं गई थी, लेकिन रात को एक बार फिर पानी बढ़ने की फर्जी सूचना ने परिवारों की नींद उड़ा दी। स्थिति यह बन गई कि सैकड़ों परिवार बांध की सड़क किनारे दुकानों में शरण ली तो कुछ तिरपाल लगाकर बैठ गए।
मारकंडा नदी में 8.4 फीट पानी
पहाड़ी क्षेत्र में हुई भारी बारिश से मुलाना से गुजर रही मारकंडा नदी तीसरी बार उफान पर आई। शनिवार सुबह साढ़े 8 बजे मारकंडा नदी का जलस्तर 2.5 फीट करीब 4500 क्यूसेक था। इसके बाद जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ने लगा। दोपहर 12 बजे यह जलस्तर 6 फीट पर 20500 क्यूसेक पर जा पहुंचा और शाम 5 बजे मारकंडा नदी का जलस्तर 8.4 फीट पर 37240 क्यूसेक पानी के बड़े स्तर पर जा पहुंचा।
घंटों मेहनत से किया बांध ऊंचा
पहाड़ों में बारिश के बाद पानी का अलर्ट जारी हो गया था। ऐसे में सिंचाई विभाग को रामपुर स्थित नर्सरी के पास से बांध थोड़ा नीचा लगा। ऐसे में सुबह करीब चार घंटे की मेहनत के बाद बांध को जेसीबी और मिट्टी के कट्टों आदि से ऊंचा किया। जैसे ही पानी आया तो रामपुर के पास की दर्जनभर कॉलोनियां डूबने से बच गई।
घग्गर : दोपहर तक शांत, शाम को उफान
घग्गर दोपहर तक शांत दिखाई दी, मगर शाम को घग्गर में उफान दिखाई दिया। ऐसी स्थिति ने लोगों को फिर से चिंता में डाल दिया। डीसी डॉ. शालीन भी शहर विधायक असीम गोयल के साथ मुआयना करने गए। टांगरी पर आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष चित्रा सरवारा ने बताया कि टांगरी क्षेत्र में लोगों की मदद करने वाला कोई नहीं है। यहां पर एक टीम की तैनाती होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कॉलोनियों में जिस हिसाब से पानी बढ़ रहा है इसको लेकर तैयार रहने के संबंध में कहा। जिस पर डीसी ने जल्द व्यवस्था करने की बात कही।