अंबाला सिटी। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग व शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘टाबर उत्सव बन रहा है अनूठी पहल’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत अब राजकीय स्कूलों के 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थी किताबी ज्ञान के साथ साथ मूर्तिकला का हुनर सीखेंगे। यह कार्यक्रम 30 जून तक सुबह 8 बजे से 11 बजे तक ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बीसी बाजार अंबाला में चल रहा है। इस उत्सव के तहत बच्चों को मूर्तिकला का हुनर देना शुरू कर दिया गया है। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने गुरुवार को टाबर उत्सव समर शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से उनके किए जा रहे कार्य के बारे में पूछा। इस अवसर विद्यालय प्रधानाचार्या रेखा, जिला कल्चरल कॉर्डिनेटर अरविंद सिंह, मुख्य परिक्षक अमित कुमार, मनीषा व अन्य मौजूद रहे।
कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा से कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी (मूर्तिकला) हृदय कौशल ने बताया कि यह प्रशिक्षण आधुनिक मूर्तिशिल्प क्ले मॉडलिंग, रिलीफ एवं 3 डी स्कल्पचर आर्ट में हरियाणवी संस्कृति पर आधारित दिया जाएगा। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान छात्र-छात्राओं का रचनात्मक, कलात्मक विकास करवाने के लिए यह प्रशिक्षण बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में कारगर सिद्ध होगा। जिला के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों को एक स्थान पर एकत्रित कर मूर्तिकला का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थी भविष्य में कला प्रतियोगिताओं में भाग लेने के साथ राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की मूर्ति शिल्प प्रतियोगिता के बारे में भी जानेंगे। इस शिविर में राज्य के निपुण कलाकारों एवं सह कलाकारों द्वारा विद्यार्थियों को मूर्तिकला में पारंगत किया जाएगा और प्रयोग होने वाली सामग्री जैसे क्ले, पीओपी (अन्य माध्यम) व सामग्री आदि से लघु मूर्ति शिल्पों को बनाकर रंगों से हुनर भी सिखाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कक्षा 9 वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी इस शिविर में एक महीने के लिए निशुल्क भाग ले सकते हैं।