अंबाला सिटी। राजकीय स्कूलों में सरकार की ओर से शुरू कई विभिन्न योजनाओं से विद्यार्थी अपना भविष्य संवार रहे हैं। इन योजनाओं में सुपर-100 और बुनियाद कार्यक्रम भी विद्यार्थियों के लिए काफी कारगर साबित हो रहे हैं। जहां राजकीय स्कूलों के विद्यार्थी इन सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं, वहीं निजी और नवोदय विद्यालय के विद्यार्थी भी राजकीय स्कूलों में दाखिला के लिए संपर्क कर रहे हैं।
सुपर-100 और बुनियाद कार्यक्रम के निशुल्क प्रशिक्षण का लाभ लेने के लिए तभी आवेदन कर सकते हैं, अगर विद्यार्थी राजकीय स्कूलों में पढ़ाई कर रहा है। निजी विद्यालयों के विद्यार्थी सुपर-100 व बुनियाद कार्यक्रम के अंतर्गत जेईई और नीट का प्रशिक्षण लेने के लिए लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं, जबकि राजकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को यह प्रशिक्षण निशुल्क दिया जा रहा है।
यह है बुनियाद और सुपर-100 योजना
दरअसल, राजकीय स्कूलों में आठवीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों की दो चरण में बुनियाद परीक्षा ली जाती है। यह परीक्षा खंड और जिला स्तर पर होती है। खंड स्तर पर परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को जिला स्तरीय परीक्षा में बैठने का मौका मिलता है। इसके उपरांत ओरिएंटेशन कार्यक्रम के माध्यम से बुनियाद कार्यक्रम के लिए विद्यार्थियों का चयन होता है। जिले में पांच राजकीय स्कूलों में बुनियाद केंद्र चल रहे हैं। इन केंद्र पर कक्षा नौंवी और 10वीं के विद्यार्थियों को जेईई और नीट की प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। यह विद्यार्थी कक्षा 11वीं में सुपर-100 परीक्षा देते हैं। इसके बाद विद्यार्थियों को कक्षा 11वीं व 12वीं में शिक्षा विभाग के नेतृत्व में प्रदेश में चल रहे केंद्र पर आवासीय सुविधा के साथ निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। इस दौरान विद्यार्थी जेईई और नीट की प्रवेश परीक्षा के लिए निशुल्क प्रशिक्षण लेते हैं। इन योजना के माध्यम से राजकीय स्कूलों के कई विद्यार्थी जेईई मेन और जेईई एडवांस उत्तीर्ण कर एनआईटी और आईआईटी में शिक्षा ले रहे हैं।
वर्जन
राजकीय स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए सुपर-100 व बुनियाद कार्यक्रम काफी कारगर साबित हो रहे हैं। इन योजनाओं के माध्यम से राजकीय स्कूलों के विद्यार्थियों का चयन एनआईटी और आईआईटी में हुआ है। इसको लेकर विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ी है।
पूजा भारद्वाज, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, अंबाला।