नारायणगढ़। प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में बढ़ाई गई फीस वापस लेने व अन्य मांगों को लेकर बुधवार को विद्यार्थियों ने रोष जताया। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए स्पेशल बसें चलवाने, चिराग योजना समाप्त करने और राजकीय महाविद्यालय नारायणगढ़ में इसी सत्र से एमए राजनीति विज्ञान विषय शुरू करने की मांग की। छात्र संघर्ष मंच हरियाणा से जुड़े विद्यार्थियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री और उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि 26 जुलाई को सरकार ने अधिसूचना जारी कर विद्यार्थियों से पंजीकरण शुल्क के नाम पर 50 से 100 रुपये लेने के निर्देश दिए। वहीं, विलंब शुल्क के 100 रुपये अतिरिक्त लिए जाएंगे जो वापस देय नहीं होंगे। इसके अतिरिक्त दाखिला फीस राज्य सरकार या विश्वविद्यालय तय करेंगे। इसके बाद इस बार करीब 6500 रुपये प्रथम वर्ष के लिए वसूले जा रहे हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि पिछले तीन से चार वर्षों में फीस में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। गरीब मां-बाप पर फीस के नाम पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया।
28 नवंबर 2021 को आनंद मोहन शरण प्रिंसिपल सेक्रेटरी उच्चतर शिक्षा विभाग की बैठक में 15 दिसंबर 2021 से छात्राओं को नि:शुल्क बस सुविधा देने का फैसला लिया गया। इसके लिए कॉलेजों से छात्राओं का आंकड़ा भी लिया गया था। इसके बावजूद कई रूटों पर एक भी बस नहीं है। ऐसे में छात्राओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। ज्ञापन में बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा लाई गई चिराग योजना सरकारी स्कूलों पर हमला करने जैसी है। इससे निजी स्कूलों का एकाधिकार स्थापित होगा और गरीब बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ेगा।
उच्चतर विभाग को लिखा था पत्र
विद्यार्थियों ने बताया कि राजकीय महाविद्यालय नारायणगढ़ में लगभग 1200 विद्यार्थी राजनीतिक विज्ञान पढ़ते हैं। अधिकांश विद्यार्थी पोस्ट ग्रेजुएशन में राजनीतिक विज्ञान पढ़ना चाहते हैं। मंच ने एक जुलाई 2021 को उच्चतर शिक्षा विभाग पंचकूला में इसके लिए मांग पत्र दिया था। इस मांग पर कोई सुनवाई नहीं की गई। छात्रों ने मुख्यमंत्री और अन्य उच्चाधिकारियों से अनुरोध किया कि उनकी सभी मांगों पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाए।