अंबाला सिटी। प्रदेश के राजकीय स्कूलों में ज्यादातर विद्यार्थियों को बीते सत्र का वर्दी और छात्रवृत्ति का पैसा नहीं मिला। खाते में पैसे नहीं आने पर अभिभावक बैंक और स्कूलों में चक्कर काटने पर मजबूर हैं।
स्थिति ऐसी है कि किसी बच्चे के खाते में पैसे आ रहे हैं और किसी के खाते में नहीं। इससे विद्यार्थी बिना वर्दी के स्कूलों में जाने को मजबूर हैं। वर्दी का पैसा पहली से आठवीं कक्षा तक मिलता है। अंबाला जिले की बात करें तो जिले में पहली से आठवीं तक करीब 50 हजार से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।
दरअसल, राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत यह राशि मिलती है, मगर यह राशि समय पर नहीं मिल पाती। कई-कई महीनों तक अभिभावक इस राशि का इंतजार करते रहते हैं। पहले यह राशि स्कूल स्तर पर मिलती थी। अब यह राशि निदेशालय से सीधा बैंक खाते में डाली जाती है। जिससे किस बच्चे को राशि मिली और किसको नहीं मिली, यह पता नहीं चल पाता।
राशि नहीं मिलने से परेशानी
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य अमित छाबड़ा ने बताया कि विद्यार्थियों को वर्दी का पैसा, छात्रवृत्ति, मासिक इंसेटिव और एक मुश्त इंसेटिव राशि मिलने में समस्या आ रही है। पहले स्कूल स्तर पर यह राशि आसानी से मिल जाती थी, मगर जब से निदेशालय से पैसा सीधा विद्यार्थियों के खाते में आना शुरू हुआ है, तब से यह राशि पूरी नहीं आ रही। किसी बच्चे को वर्दी व छात्रवृत्ति का पैसा मिल गया है, जबकि किसी को नहीं मिला। कई बच्चों को यह राशि दो से तीन वर्ष से नहीं मिली। उनकी मांग है कि विद्यार्थियों को इन स्कीम का भुगतान करने के लिए डीडीओ के खाते में पैसे डाले जाएं। वहीं, संघ के राज्य महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि इस समस्या के बारे में निदेशक से बातचीत कर समाधान करवाएंगे।
ऐसे मिलती है विद्यार्थियों को राशि
पहली से पांचवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को वर्दी के लिए 800 रुपये और छठी से आठवीं तक एक हजार रुपये की राशि मिलती है। इसी तरह मासिक इंसेटिव में एससी लड़कों को 150 रुपये प्रति महीना, लड़कियों को 225 प्रति महीना मिलते है। बीसी व बीपीएल में लड़कों को 75 रुपये प्रति महीना और लड़कियों को 150 रुपये महीना पैसे मिलते हैं। इसी तरह वन टाइम इंसेटिव एससी लड़कों को पहली कक्षा में 740, दूसरी कक्षा में 750, तीसरी कक्षा में 960, चौथी कक्षा में 970, पांचवीं कक्षा में 980 और अन्य कैटेगरी में विद्यार्थियों को बैग के लिए 120 रुपये और स्टेशनरी के लिए 100 रुपये वार्षिक मिलते हैं।
कोरोना के बाद एक बार मिली छात्रवृत्ति
हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के जिला प्रधान कमल किशोर ने बताया कि राजकीय स्कूलों में वर्दी का पैसा पहली से आठवीं कक्षा तक मिलता है, मगर बीते सत्र से यह पैसा विद्यार्थियों के खाते में नहीं आया। छात्रवृत्ति राशि भी दो साल से नहीं मिली। यह राशि कोरोना के बाद एक ही बार आई थी। इसके साथ ही एससी बच्चों को एकमुश्त मिलने वाली राशि भी नहीं आ रही है। इससे अभिभावक भी परेशान हैं। अभिभावक बैंक काॅपी में एंट्री के लिए बैंकों के चक्कर काटने पर मजबूर हैं।
वर्जन
वर्दी और छात्रवृत्ति का पैसा निदेशालय से सीधा विद्यार्थियों के बैंक खाते में डाला जाता है। अगर किसी विद्यार्थी का पैसा नहीं आ रहा है तो इस बारे में बीईओ उनको जानकारी दें। इस बारे में निदेशालय को अवगत कराया जाएगा।
सुधीर कालड़ा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।