अंबाला। मेहनत मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले व्यक्ति को चोट लगने के बाद आंखों से कम दिखाई देने लगा। आर्थिक तंगी के कारण वह ढंग से अपना उपचार भी नहीं करा सका। ऐसे में वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। परिवार पर वह बोझ न बन जाए, यह सोचकर रविवार को उसने आत्मघाती कदम उठाया। उसने स्वयं को चाकू और ब्लेड से लहूलुहान कर लिया। तभी पत्नी की नजर पड़ने पर लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत देखकर डाक्टर भी हैरान रह गए।
अस्पताल में उपचाराधीन गांव खारूखेड़ा निवासी अनिल ने बताया कि वह ईंट भट्ठे पर काम करता है और शादीशुदा है। काफी समय पहले वह गिर गया था और चोट लग गई थी। तभी से उसे आंखों से कम दिखाई देने लगा। कई बार अस्पतालों के चक्कर काट लिए, लेकिन हर बार दवा देकर भेज दिया जाता है, जबकि आंखों की समस्या ठीक होने की बजाय बढ़ती जा रही है। इससे उसे दैनिक कार्याें में भी काफी दिक्कत आती है। उसने बताया कि वह परिवार पर बोझ न बन जाए, यह सोचकर उसने यह कदम उठाया।
पत्नी ने बताया कि सिर पर चोट लगने के कारण पति मानसिक रूप से परेशान चल रहा है। यही कारण है कि उसने रविवार को आत्महत्या करने के लिए खुद के शरीर पर जगह-जगह ब्लेड और चाकू से कट मार लिए। खून से लथपथ हालत में बेसुध देख लोगों की मदद से उसे अस्पताल लाया गया, जहां शरीर पर 30 टांके लगे हैं। गनीमत यह रही कि गले पर लगे घाव गहरे नहीं थे, वरना जान जा सकती थी। अस्पताल की ओर से घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस भी मामले की जांच कर रही है।