अंबाला। जैसे-जैसे मतदान का समय करीब आ रहा है, चुनावी पारा चढ़ता जा रहा है। पहले चुनावी चर्चा चाय की दुकानों तक सीमित थी पर अब सिटी की बसों में भी दलों और प्रत्याशियों की जीत-हार के कयास लगाए जा रहे हैं। ऐसा ही माहौल अंबाला कैंट से अंबाला सिटी जा रही सिटी बस में दिखाई दिया।
सिटी बस रोजाना अंबाला कैंट से स्थानीय सवारियों को अंबाला सिटी और अंबाला कैंट लाती ले जाती है। इस बस में आजकल चुनावी चरचा आम है। इसमें हर किसी के अपने मुद्दे सुनाई देते हैं। वहीं जीत हार के सभी अपने-अपने समीकरण बताते हैं।
अंबाला शहर निवासी सतपाल बताते हैं कि लोगों को पोर्टलों के जाल और बेरोजगारी ने अधिक परेशान किया है। वहीं ठोल गांव निवासी छात्र राकेश कहते हैं कि केंद्र सरकार महंगाई पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हुई है। सिलिंडर के दाम देखें आम आदमी कैसे इतना महंगा सिलिंडर खरीद सकता है।
शहर के सेक्टर-9 निवासी केशव राम सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त हैं। यमुनानगर में उनका एक प्लॉट है जो उनकी पत्नी के नाम है, पिछले चार महीने से वह इस प्लॉट को बेचना चाहते हैं लेकिन परिवार पहचान पत्र के कारण आ रही परेशानी के चलते बहुत परेशान हैं। परिवार पहचान पत्र के कारण वह अपना नया घर नहीं बना पा रहे हैं। इस दौरान अंबाला कैंट से सिटी जा रहे कुरुक्षेत्र निवासी साहब बताते हैं कि राम मंदिर बनने से उनकी वर्षों पुरानी इच्छा पूरी हो गई है। उनका कहना है कि सरकार ने कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाकर भी बड़ा कार्य किया है। वह तो राष्ट्रवाद के साथ हैं। तभी सतीश कुमार बताते हैं कि उन्होंने सी और डी ग्रुप की नौकरी के लिए परीक्षा दी थी लेकिन सरकारी नौकरी नहीं लगी। फिलहाल नौकरी से संबंधित मामला कोर्ट में लंबित है।