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Ambala News: तीसरे दिन टकराव थमा पर अड़े जवान व किसान

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अंबाला। शंभू बॉर्डर पर तीसरे दिन के आंदोलन का अलग ही रूप देखने को मिला। दो दिन से भटके हुए आंदोलन को राह दिखाने के लिए जैसे ही यूनियन नेता आगे आए तो टकराव थम गया। बॉर्डर पर स्थिति यह थी कि दो दिन जिस जगह पर किसानों को खड़े होने पर पुलिस से टकराव की स्थिति बन जाती थी, वहीं सुबह से लेकर शाम तक किसान यूनियन के जुड़े सदस्य हाथों में झंडे लेकर चाय की चुस्की लेकर व्यवस्था बनाते हुए नजर आ रहे थे। उधर, भले ही बॉर्डर पर शांतिपूर्ण माहौल था लेकिन अंबाला पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि एक तरफ बॉर्डर तो दूसरी तरफ अंबाला-पंजाब की सीमाओं से सटे गांवों पर भी नजर रखनी है ताकि कहीं से किसान न आ सकें। इसको लेकर पुलिस की अंबाला के किसानों पर भी पैनी नजर है। रास्तों पर नजर रखने के लिए बॉर्डर के सटे गांवों में पुलिस का भी पहरा है।
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चढूनी के आह्वान के बाद अंबाला में भी आज टोल फ्री कराएंगे किसान



भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की बैठक के बाद अंबाला में भी स्थानीय किसान नेताओं ने शुक्रवार को टोल फ्री करने की घोषणा कर दी है। इसके तहत चढूनी ग्रुप से किसान नेता मलकियत सिंह व अन्य किसान नेताओं ने बताया कि सभी किसान पंजाब के किसानों के समर्थन में शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक टोल फ्री कराएंगे। इस दौरान वह ट्रैक्टरों के साथ मौके पर पहुंचेंगे। जिसमें नारायणगढ़ व शहजादपुर के किसान बरवाला टोल पर एकत्रित होंगे ताे अंबाला वन के किसान सैन माजरा टोल पर जाएंगे तो बराड़ा के किसान अपने यहां के टोल पर एकत्रित होंगे। वहीं 17 फरवरी को किसान ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे।
बुधवार रात के टकराव को देख पुलिस ने आगे बिछाई कंटीली तारें

पुलिस के सुरक्षा घेरे में फंसे ट्रैक्टर को निकालने के लिए बुधवार देररात को हुए टकराव के बाद पुलिस ने कंटीली तारें बिछा दी है। यह तारें पंजाब की सीमा में लगे पहले पडाव के टूटने के बाद दूसरे यानी हरियाणा की सीमा में लगे पहले पड़ाव के ठीक बीच में लगाई गई है, जहां पर किसानों का ट्रैक्टर फंसा है।
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घायल किसानों का डाटा जुटाने के लिए बना काउंटर
शंभू बॉर्डर पर पहले दिन से घायल हुए किसानों का डाटा जुटाने के लिए बाकायदा यूनियन की तरफ से एक काउंटर भी लगाया गया है। इसमें सभी घायलों का नाम, पता आदि पूरी जानकारी मांगी जा रही है। इसके अलावा घायल अपनी मेडिको लीगल रिपोर्ट यानी एमएलआर भी लेगा ताकि रजिस्टर में एंट्री कर सकें। दिनभर बॉर्डर पर माइक के जरिए भी किसान नेता अनाउसमेंट कर रहे थे कि हरियाणा सरकार को कोर्ट में ले जाने पर इन सभी एमएलआर की जरूरत पड़ेगी।
पंजाबी गायक रेशम सिंह अनमोल ने किसानों से सुनाए गाने
आंदोलन में शांति के दौरान गायक व युवा किसान रेशम सिंह अनमोल भी शंभू बॉर्डर पर पहुंचा। जहां किसानों को एक के बाद एक गीत सुनाए। युवा किसानों ने भी खूब वीडियो बनाए। इसके अलावा माइक के जरिए भी किसान नेताओं ने भाषण व कविताएं भी पेश की। जिसे सुनने के लिए भीड़ उमड़ी रही।
तीसरे दिन रही शांति, किसान बोले - वार्ता से समाधान नहीं निकला तो करेंगे कूच
शंभू बॉर्डर पर भले ही तीसरे दिन शांति देखने को मिली लेकिन किसान नेताओं का दो टुक कहना था कि पहले वार्ता से नतीजे को देखा जाएगा। फिर भी सरकार नहीं मानती है तो उनका आंदोलन जारी रहेगा। वह अभी रुके जरुर है लेकिन पीछे नहीं हटे। जरूरत पड़ी तो दिल्ली कूच भी करेंगे
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