अंबाला सिटी। अंबाला में गेहूं के उठान में कुछ खास सुधार देखने को नहीं मिला है। अभी तक मंडियों से 63 फीसदी उठान हो चुका है। इधर एजेंसियों ने दावा किया है कि एक सप्ताह में सारी मंडियां खाली हो जाएंगी, लेकिन मंडियों से उठान के बाद गोदामों में गेहूं उतरने में ही बहुत देरी हो रही है।
उठान धीमी होने के कारण किसानों के करोड़ाें रुपये भी अटक गए हैं। हालांकि मंडियों में गेहूं की आवक बहुत कम हो गई है। शहर अनाज मंडी की बात करें तो रोजाना सिर्फ चार से पांच हजार क्विंटल गेहूं मंडी में आ रहा है। इससे मंडियों गेहूं की सफाई का काम तो प्रभावित नहीं हो रहा है। लेकिन मौसम का खतरा लगातार बना है।
अभी तक मंडियों की स्थिती पर नजर डालें तो अंबाला शहर की नई अनाज मंडी में अभी तक पांच लाख 92 हजार 111 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। इसमें से अभी तक 3 लाख 33 हजार 763 क्विंटल का उठान हो चुका है। शहर अनाज मंडी में अभी भी दो लाख क्विंटल से अधिक गेहूं उठान का इंतजार कर रहा है। जिले के आधार पर देखें तो अभी तक जिले की मंडियों में कुल 23 लाख 49 हजार 460 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। इसमें से 14 लाख 79 हजार 348 क्विंटल गेहूं का उठान हो चुका है। कुल आवक के भुगतान को देखें तो 534 करोड़ 50 लाख रुपए का भुगतान करना है।उठान के आधार पर एजेंसियों को अभी तक 336 करोड़ का भुगतान करना है, लेकिन अभी तक 284 करोड़ 14 लाख का ही भुगतान हो पाया है।
वर्जन
मंडियों में उठान के लिए प्रर्याप्त व्यवस्था है। फिलहाल आवक भी कम हो गई है। शहर अनाज मंडी से रोजाना 5 हजार से अधिक बोरियों का उठान किया जा रहा है।
दिलेल सिंह, मार्केट कमेटी सचिव, अंबाला शहर नई अनाज मंडी