अंबाला। जीआरपी की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी बंधु नगर निवासी अर्जुन और उसके साथी पक्की सराय निवासी रोहित को शनिवार कोर्ट में पेश किया। उन्हें दो दिन के रिमांड पर जीआरपी के सुपुर्द किया।
अब दोनों आरोपियों से ट्रेनों में हुई अन्य छीना-झपटी के मामलों में पूछताछ होगी। जानकारी यह भी सामने आई कि आरोपी अर्जुन ने कुछ वारदात को कुबूल ली हैं। जल्द ही चोरी हुए सामान की रिकवरी के लिए कार्रवाई होगी।
अंबाला कैंट जीआरपी थाने के प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर सोना और मोती बरामद कर लिए हैं। दोनों को अब रिमांड पर लिया गया है, जिससे कि पिछले दिनों ट्रेनों में हुई छीना-झपटी के मामलों को सुलझाया जा सके, क्योंकि इन घटनाओं में भी अर्जुन और रोहित की संलिप्तता मिली है। इसका खुलासा भी जल्द किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अर्जुन एक शातिर झपटमार है। वो 2012 में पहले ऐसे ही एक मामले में पकड़ा था। इस दौरान उसने तीन से चार वारदात को अंजाम दिया। बीच में अचानक वो कहीं गायब हो गया। लेकिन कुछ दिनों में अचानक ट्रेनों में फिर छीना-झपटी की वारदात बढ़ने लगी थी तो शक की सुई अर्जुन पर गई, लेकिन सबूत न होने के कारण कार्रवाई में समय लग रहा था।
जब 16 नवंबर को हीराकुंड एक्सप्रेस में ऐसी ही एक घटना हुई तो हुलिए के आधार पर शक की सुई अर्जुन पर गई। जब अर्जुन की फोटो व्यापारी को दिखाई गई तो उसने तुरंत उसे पहचान लिया। गौरतलब है कि अर्जुन ने अपने साथी रोहित के साथ मिलकर हीराकुंड एक्सप्रेस में छीना-झपटी की वारदात को अंजाम दिया था और वो 19 लाख 63 हजार का सोना लेकर फरार हो गया था।