अंबाला सिटी। कोरोना कॉल में पीएम केयर की तरफ से मिले 44 वेंटिलेटर में से अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल में से छह वेंटिलेटर इस्तेमाल में हो रहे है। इसके अलावा 38 वेंटिलेटर अस्पताल में पर्याप्त स्थान नहीं होने से सजावटी सामान बन कर रह गए हैं। वहीं अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में 13 वेंटिलेटर दिए गए थे लेकिन कोरोना के बाद उन्हें भी इस्तेमाल में नहीं लाया गया है। ट्रामा सेंटर में जो जगह है वहां पर सिर्फ छह वेंटिलेटर आने के लिए प्रर्याप्त स्थान है। अब यहां पर सरकार के निर्देशाें पर आईसीयू यूनिट बनाई जा रही है। जिसमें छह वेंटिलेटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही अन्य वेंटिलेटर को बैकअप के तौर पर रखा जाएगा।
कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी के तहत मिले थे वेंटिलेटर
पूरे देश में विभिन्न कंपनियों की ओर से कोरोना काल में वेंटिलेटर मिले थे। जिला अंबाला को 44 वेंटिलेटर मिले थे। गौरतलब है कि जिन कंपनियों की नेटवर्थ 500 करोड़ से अधिक होती है या फिर जिन कंपनियों को सालाना पांच करोड़ से अधिक मुनाफा होता है। उन्हें अपने लाभ में से दो प्रतिशत सीआरएस पर खर्च करना होता है। इसी के तहत ये वेंटिलेटर मिले थे।
साफ्टवेयर अपडेट करने में हो रही परेशानी
विभाग के पास जो वेंटिलेटर है उनमें से आठ वेंटिलेटर एंबुलेंस में लगाए गए हैं। ये सभी वेंटिलेटर चाइना में बने हुए है। जिनका सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हो पा रहा है। ऐसे में इन वेंटिलेटरों का कोई लाभ दिखाई नहीं देता। अधिकारियों का कहना है कि मैकेनिकल पुर्जा तो बदल दिया जाता है। लेकिन साफ्टवेयर के लिए कपंनी ही काम करेगी।
छह में से एक वेंटिलेटर खराब
सिटी नागरिक अस्पताल के पास छह वेंटिलेटर उपलब्ध है जिनमें से एक वेंटिलेटर खराब हो गया है। जिसे ठीक करवाने के लिए भेजा गया है। इसके साथ ही अन्य वेंटिलेटरों को भी समय समय पर ठीक करवाया जाता है।
विभाग के पास जो भी वेंटिलेटर है उनका ठीक से रखरखाव किया जा रहा है। जल्द ही आईसीयू यूनिट भी तैयार हो जाएगी। जिसके बाद वेंटिलेटर को नियमित इस्तेमाल में लाया जाएगा। विभाग की ओर से स्टाफ को प्रशिक्षण के लिए भी भेजा गया है।
डॉ हितार्थ , एमओ स्वास्थ्य विभाग अंबाला।