अंबाला सिटी। सिटी के सुरेन्द्र नगर स्थित शिवशक्ति मंदिर में चल रही श्री शिवमहापुराण सप्ताह अमर कथा के छठे दिन कथा व्यास चैतन्य महाराज ने कथा प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कहा कि शिवतत्व को समझना बहुत जरूरी है। इस कथा का वर्णन भगवान वेदव्यास ने 24 हजार श्लोक व सप्त संहिता से युक्त कर श्री शिवमहापुराण ग्रंथ की रचना की है। सदाशिव से ही सारी सृष्टि का सृजन हुई है।
श्री शिवमहापुराण का मात्र श्रवण करने से ही सुखों का आगाज हो जाता है। जाने-अनजाने में किए गए बुरे कर्मों का भी निवारण हो जाता है। भगवान शिव की भक्ति कर कई पापी असुरों ने भी वरदान प्राप्त किए हैं। भगवान शिव हमेशा भक्तों द्वारा की गई भक्ति में श्रद्धा व सच्ची लगन को देखते हुए प्रसन्न होते हैं। जिसका लाभ इस सृष्टि के कई जीवों ने लिया है।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव द्वारा दिए गए वरदान के पश्चात कई बार देवताओं को भी भारी संकटों का सामना किया है, मगर भगवान शिव ने अपनी भक्तों को कभी निराश नहीं किया। भगवान शिव को यह भी पता होता था कि यह असुर दिए गए वरदान का गलत प्रयोग करेगें। भगवान शिव ने सभी भक्तों का उद्धार किया है। आचार्य सनातन चैतन्य ने कहा कि काम, क्रोध व लोभ यह तीन दैत्य हमारे शरीर के अंदर हमेशा रहते हैं। इन तीनों बुराइयों का निर्वाण भगवान शिवशंकर के द्वार पर जाकर ही हो सकता है।
इससे पूर्व महेन्द्र कौर, सोहन सिंह, रामसिंह सैनी, रामप्रसाद तिवारी, शिवशंकर चौरसिया आदि ने विधिवत मंत्रोच्चरणों के बीच कथा व्यास गद्दी का पूजन किया। वहीं कथा पंडाल में पहुंचे कथा व्यास सनातन आचार्य चैतन्य महाराज का भक्त पंडित रविन्द्र नाथ तिवारी व अन्य भक्तों की ओर से फूल मायाओं से भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर रमा शास्त्री, कोमल महाराज, रामबिहारी मिश्रा, ज्ञानदेवी तिवारी, कवल सिंह फौजी, रवि धीमान, भगवती कौर, गीता रानी, जगतार सिंह, राजरानी, ज्योति धीमान, नवदीप, अर्चना तिवारी सहित भारी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।