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Ambala News: गाद और पानी बना पढ़ाई में परेशानी

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सतनाम सिंह
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अंबाला सिटी। बाढ़ से जिले के राजकीय स्कूलों में सामान की काफी बर्बादी हुई। कई स्कूलों की तो ऐसी स्थिति बनी हुई है कि सप्ताहभर से वहां सफाई ही की जा रही है, मगर मिट्टी की गाद खत्म नहीं हो रही। जिले में प्राथमिक व मिडिल स्कूल में एक करोड़ 7 लाख व उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में नौ करोड़ 36 लाख की डिमांड स्कूलों की तरफ से की गई है।
सबसे ज्यादा नुकसान खंड वन के स्कूलों में हुआ है। नग्गल, खैरा व चौड़मस्तपुर के हालात ज्यादा खराब हैं। वहीं कई स्कूलों की छत खराब हो गई हैं। वहां तुरंत रिपेयर की जरूरत है, ताकि लेंटर का प्लास्टर किसी बच्चे पर न गिरे। स्कूलों ने विभाग को अपनी डिमांड भेज दी है।
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राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल रामपुर सरसहेड़ी में शनिवार को भी टांगरी में पानी आने से तीन फुट पानी जमा हो गया। स्कूल प्रिंसिपल प्रवीन शर्मा ने बताया कि पहले स्कूल में पांच फुट पानी जमा था। जिससे स्कूल में मोटर, फ्रिज, वाटर कूलर, स्मार्ट टीवी, इलेक्ट्रॉनिक लेक्चर स्टैंड, आईटी लैब में कंप्यूटर, टेबलेट, टीवी, फर्नीचर सोफे, म्युजिक सिस्टम, कैशियो, दरी, पुराना रिकॉर्ड सब खराब हो गया है।
स्कूल के कुछ कमरे साफ करवा दिए गए थे, ताकि स्कूल खुल सके, मगर शनिवार को फिर टांगरी में पानी आने से स्कूल की छुट्टी करनी पड़ी। रविवार शाम तक पानी उतरा था। वहीं, अभी स्कूल में सिर्फ 10वीं व 12वीं के विद्यार्थी ही बुलाए जा रहे हैं। स्कूल ने विभाग से 50 लाख बजट की डिमांड की है। स्कूल में मिट्टी की गाद बुरी तरह फैली है। इसे ट्रैक्टर से भी साफ करवाया जा रहा है। फिसलन होने से स्टाफ कमरों तक भी नहीं जा पा रहा।
नग्गल स्कूल में चार दिन से पंप से निकाला जा रहा पानी
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नग्गल की प्रिंसिपल रागिनी शर्मा ने बताया कि स्कूल में 13 फुट तक पानी जमा था। वह शुक्रवार को कार्यालय में गई थी, लेकिन स्थिति काफी खराब है। पानी में सांप घूम रहे हैं। इसलिए वह वापस आ गए। स्कूल से पंप लगाकर चार दिन से पानी निकाला जा रहा है, लेकिन बार-बार बारिश आने से स्थिति फिर वैसी बन रही है। स्कूल में पांच मजदूर लगे हुए हैं। कीचड़ व फिसलन से बुरा हाल है। अभी भी कई जगह 3 फुट पानी है। स्कूल की लैंग्वेज लैब पूरी तरह से खत्म हो गई। डिजिटल बोर्ड पानी में डूबे हैं। अभी स्कूल का बिजली का कनेक्शन काट रखा है, ताकि करंट जैसी स्थिति न हो। रिकॉर्ड पर मिट्टी चिपक गई है। अगर पेज को पोंछना चाहते है तो वह फट जाता है। गेहूं व चावल तो खराब ही हो गए हैं। सफाई के बाद ही बच्चों को बुलाया जाएगा। स्कूल की तरफ से 25 लाख के बजट की डिमांड की गई है।
स्कूल से मिट्टी की गाद खत्म नहीं हो रही
राजकीय उच्च विद्यालय खैरा के मुख्याध्यापक श्याम सुंदर ने बताया कि 9वीं व 10वीं के कुछ बच्चे आने शुरू हुए हैं। दो-तीन कमरे ठीक किए हैं। ग्राउंड में अभी पानी जमा है। कमरों में मिट्टी चिपकी हुई है। दीवारों से नमी खत्म नहीं हो रही। सफाई करवाई जा रही है। रिकॉर्ड खराब हो गया है। उसको भी संभाल रहे हैं। करीब 50 लाख की डिमांड स्कूल की तरफ से की गई है। स्कूल की लैंवेज लैब, टेबलेट, लाइब्रेरी, फर्नीचर, चार दिवारी, फर्श, रिकॉर्ड, दरी खराब हो गई है। फर्श दो फुट तक बैठ गया है। मिट्टी ने रिकॉर्ड और दीवारों को काफी नुकसान किया है। ग्राउंड में मिट्टी एक फुट तक बैठ गई है।
पांच से आठ लाख की डिमांड वाले प्राथमिक व मिडिल स्कूल
जीपीएस मुकंदपुर 5.50 लाख, पटवी 5 लाख, पुलिस लाइन 5 लाख, खैरा 5 लाख, अलियासपुर 5 लाख, बब्याल 8 लाख, करधान 8 लाख, रामपुर सरसहेड़ी 10 लाख, सुलतानपुर 5 लाख, डडियाना 6 लाख, डडियाना 5 लाख, घसीटपुर 5.54 लाख के बजट की डिमांड की गई है।

50 लाख के बजट की डिमांड वाले उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल
राजकीय कन्या बब्याल 10 लाख, राजकीय मॉडल संस्कृति रामपुर सरसहेड़ी 50 लाख, सुलतानपुर 16 लाख, सलारहेड़ी 8 लाख, डेयरी फार्म 5 लाख, रायवाली 6 लाख, गधौली 6.30 लाख, छपरा 13.50 लाख, ईस्माइलपुर 10 लाख, कलेरां 5 लाख, दुखेड़ी 15 लाख, मोहड़ी-भानोखेड़ी 8 लाख, नग्गल 25 लाख, शाहपुर 7 लाख, भुडंगपुर 7 लाख, चौड़मस्तपुर 25 लाख शामिल है।
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कोट्स

जिले के राजकीय स्कूलों में बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने खुद भी कई स्कूलों का दौरा किया है। उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों से 9 करोड़ के बजट की डिमांड आई है। यह डिमांड निदेशालय में भेज दी गई है। बजट आने पर स्कूलों में रिपेयर कार्य करवाया जाएगा। अभी स्कूलों में सफाई करवाई जा रही है। जो स्कूल नहीं खुले हैं, उनमें भी जल्द पढ़ाई शुरू करवाई जाएगी।

-सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी अंबाला
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