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Ambala News: पूर्ण भाटिया के रोम-रोम में बसते हैं श्रीराम, चेहरे से हाथ तक गुदाया नाम

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अंबाला छावनी के राम नगर में अपने चेहरे व दोनों बाजू पर गुदवाए राम-राम के टैटू दिखाते हुए पूर्ण 
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अंशु शर्मा
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अंबाला। अटूट भक्ति में ताकत है प्रभु को पाने की, वरना क्या जरूरत थी श्रीराम को माता सबरी के झूठे बेर खाने की। इन्हीं पंक्तियों को मन में बसाए अंबाला छावनी के राम नगर निवासी 67 वर्षीय पूर्ण चंद भाटिया ने मन के साथ-साथ तन भी प्रभु को समर्पित कर दिया। पूर्ण चंद ने चेहरे से लेकर दोनों बाजुओं में कुल 56 जगह पर राम-राम-राम गुदा है।
यही कारण है कि आज वो प्रभु श्री राम भक्ति की अनूठी मिसाल बन चुके हैं। कहीं से भी वह गुजरते हैं तो लोगों की जुबान पर केवल राम-राम होता है। पूर्ण चंद ने बताया कि बचपन से प्रभु के प्रति अटूट भक्ति थी, लेकिन 60 साल की उम्र में परेशानियां ने इस कद्र घेर लिया था कि कोई नजर नहीं आया। उस वक्त केवल प्रभु श्री राम ही सहारा बने और उसी पल यह तय कर लिया था कि आगे का पूरा जीवन प्रभु को समर्पित कर देंगे।
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60 साल की उम्र में श्रीराम नाम से किराना दुकान खोली और घर से लेकर दुकान की दीवारों तक पर जगह-जगह श्री राम लिख दिया। फिर एक रोज जाकर माथे पर राम-राम लिखवाया। तभी से राम-राम गुदवाने का सिलसिला शुरू हो गया और अकेले चेहरे पर ही 26 जगह प्रभु का नाम गुदा लिया।
108 जगह राम लिखेने का संकल्प

पूर्ण ने बताया कि वे बिजनेसमैन थे। शादी के बाद दो बेटे और बेटी हुई और वो सभी शादीशुदा है। पत्नी का 2007 में देहांत हो गया था। तभी से प्रभु के प्रति उनका जुड़ाव बढ़ता गया था। उन्होंने बताया कि अभी तो दोनों बाजू के अलावा चेहरे पर महज 56 जगह पर राम-राम गुदाया है। अयोध्या मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद वह 52 जगह और यानी कुल 108 जगह पर राम-राम गुदवाने का संकल्प लेंगे। यह टैटू प्रोफेशनल से गुदवाए गए है ताकि उनके अंतिम समय तक वह साथ रहे।
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माथे पर टैटू बनाने वाले ने कर दिया था मना

पूर्ण चंद ने अपने चेहरे पर बने टैटू से जुड़ा किस्सा सुनाते हुए हास्य अंदाज में कहा कि पहली बार जब माथे पर नाम गुदवाया तो टैटू बनाने वाले भी मना कर दिया और बोले कि पहले घर वालों को लाओ। तब उसे जवाब दिया था कि वह घर में सबसे बड़ा है इसलिए कोई जरूरत नहीं। प्रभु श्री राम से अनुमति जरूर ले ली है। तब जाकर पहला टैटू बना था। बताया जाता है कि पूर्ण चंद हर राम नवमी के मौके पर वह अपनी किराना दुकान में कुछ चीजों के दामों में डिस्काउंट देकर खुशी मनाते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उनके साथ जुड़ सके।
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