अंबाला सिटी। किसान आंदोलन के चलते पिछले आठ महीनों से शंभू सीमा बंद है। इसके कारण दिनों दिन दुकानदारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
बड़े दुकानदार तो किसी तरह से अपना गुजारा चला रहे हैं मगर छोटे दुकानदार त्योहारों पर ही उम्मीद लगाए बैठे हैं। अंबाला सिटी के कपड़ा, मनियारी, सराफा बाजार पर इसका सबसे बड़ा असर है। यहां पर कभी पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ तक से लोग खरीदारी करने आते थे मगर शंभू सीमा बंद होने से व्यापार ही ठप हो गया।
हालात यह हैं कि कई दुकानदारों को अपने यहां से कर्मचारियों को कम करने तक के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर अंबाला शहर की अलग-अलग एसोसिएशनों ने आवाज उठाई और हर स्तर पर विरोध दर्ज कराया। हाईकोर्ट में मामला पहुंचा तो कुछ राहत भी मिली, व्यापारी खुश भी हुए मगर मामला जब सर्वोच्च न्यायालय में पहुंच गया तो व्यापारियों की आस भी टूट गई।
अब अब यह मामला अब चुनावी मुद्दा बन गया है। इस मामले में विपक्ष ने भी व्यापारियों के समर्थन में खड़ा होने का काम किया था। अब देखने वाली बात होगी कि चुनाव में यह मुद्दा किस खेमे के समीकरण बिगाड़ने का काम करता है। बहरहाल वर्तमान में बाजारों में सन्नाटा ही पसरा हुआ है। मनियारी बाजार सहित कई बाजार आपस में जुड़े हैं। सैकड़ों व्यापारियों और कर्मचारियों की इन बाजारों पर रोजी-रोटी निर्भर है।
कर्ज लेने को मजबूर छोटे व्यापारी
होलसेल जर्नल मर्चेंट एसोसिएशन के चेयरमैन कृष्ण गंभीर ने कहा कि पंजाब के रास्ते बंद होने के कारण छोटे व्यापारी संकट में हैं। पिछले आठ महीने में कई दुकानदार बाजार छोड़कर जा चुके हैं। जो बचे हुए हैं वे त्योहारों के चलते कर्ज लेकर अपना काम चला रहे हैं। सिर्फ हिमाचल के ग्राहकों से ही दुकानदार अपना गुजरा कर रहे हैं। शंभु सीमा का मामला अब कोर्ट के अधीन है। इसमें राज्य की सरकार कुछ नहीं कर सकती है। इसलिए अब उन्हें सिर्फ कोर्ट से ही उम्मीदें बनी हुई हैं।
रास्ता खुलवाने वाले को देंगे सहयोग
दुकानदार अजय गर्ग ने कहा कि पंजाब के रास्ते को खोलने वाले दल को ही वह अपना सहयोग करेंगे। पंजाब का रास्ता बंद होने के कारण वे अब अपना सामान भी मंगवा नहीं पा रहे हैं। ग्राहक पहले से ही काम कम है और चंडीगढ़ के रास्ते पंजाब जाने में बहुत अधिक समय लगता है। ऐसे में समय पर सामान नहीं पहुंच पा रहा है। बाजार में सिर्फ 10 प्रतिशत ही व्यापार रह गया है।
मुद्दे पर नहीं दिखाई गंभीरता
एक वर्ष होने को आया है लेकिन अभी तक भाजपा सरकार ने इस मुद्दे को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई है। अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो सबसे पहले इसी मुद्दे को हल किया जाएगा। जिससे व्यापारी वर्ग को राहत मिले।
ईशु गोयल, कांग्रेस नेता अंबाला सिटी।
हमारी केंद्र सरकार ने तो पहले भी किसानों के हित में कानूनों को वापस लिया था। अब हरियाणा सरकार 24 फसलों पर एमएसपी दे रही है। अब असल में पंजाब सरकार इस मामले को लटका रही है। वह अपने यहां किसानों को समझाएं और उन्हें एमएसपी दें तो यह समाधान तो उन्हें देना है। हरियाणा सरकार हमेशा से किसानों के साथ रही है।
-राजेश बतौरा, पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा
दुकानदार अजय गर्ग
दुकानदार अजय गर्ग
दुकानदार अजय गर्ग