अंबाला सिटी। फर्जी दाखिला मामले में जिला मौलिक शिक्षा विभाग ने 2014 से 2018 तक के मिडे डे मील प्रभारियों के नाम निदेशालय भेजे हैं। इस संबंध में महानिदेशक मौलिक शिक्षा ने शुक्रवार को पत्र जारी कर जिला मौलिक शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मांगी थी। विभाग ने सीबीआई जांच मामले में यह रिपोर्ट मांगी थी।
इस मामले में महानिदेशक मौलिक शिक्षा ने अंबाला जिला समेत कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, जींद, पंचकूला और यमुनानगर 8 जिलों के मिड डे मील प्रभारियों के नाम मांगे थे। विभाग को भेजे गए पत्र में कहा गया कि 2014-15, 2015-16, 2016-17, 2017-18 में मिड डे मील के प्रभारी रहे अध्यापक, अध्यापिकाओं, मुख्याध्यापक, मास्टर के नाम दिए जाएं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि निदेशालय ने शनिवार तक मिड डे मील इंचार्ज के नाम मांगे थे। इस मामले में रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को भेज दी गई है।
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अध्यापकों की ओर से किसी भी प्रकार का कोई भी गबन नहीं हुआ : छाबड़ा
इस मामले में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य प्रवक्ता अमित छाबड़ा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि पहले आरटीई के अंतर्गत आउट ऑफ स्कूल विद्यार्थियों को विद्यालय में दाखिल किया। अब सीबीआई का डर दिखाया जा रहा है। 2013-14 से पहले विद्यालयों में ऑफलाइन दाखिला हुआ करता था, उस समय आरटीई के तहत हर बच्चे को दाखिला देना अनिवार्य था, परंतु 2013-2014 में एमआईएस पोर्टल आरंभ होने के बाद जिस बच्चों का आधार कार्ड नहीं था, उसका दाखिला एमआईएस पोर्टल पर नहीं हुआ। जिसके कारण विद्यालयों के बहुत सारे ऐसे बच्चे मिस पोर्टल पर दाखिल नहीं हो पाए और सरकार द्वारा अब उन्हें फर्जी बच्चे बता कर सीबीआई जांच करवाई जा रही है, जोकि अध्यापकों की सत्यनिष्ठा और चरित्र पर एक गहरा दाग है।
निदेशक मौलिक शिक्षा द्वारा वर्ष 2013-14 के बाद के सभी मिड डे मील इंचार्ज के नाम मांगे गए हैं, जिससे अध्यापकों में भय का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों द्वारा किसी भी प्रकार का कोई भी गबन नहीं किया गया है। वे सभी बच्चे विद्यालय पर उपस्थित होते थे और मिड डे मील का राशन उन्हें दिया जाता था, बल्कि जब सरकार द्वारा उनका दाखिला एमआईएस पोर्टल पर किया गया, उसके बाद अध्यापकों द्वारा अपनी जेब से काफी समय तक उन्हें मिड डे मील दिया गया है, क्योंकि सरकार द्वारा सिर्फ एमआईएस पोर्टल पर दाखिल बच्चों के मिड डे मील का भुगतान किया जाता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी सरकार द्वारा बहुत सारे ऑफलाइन बच्चों का दाखिला करवाया गया है लेकिन लाभ उन्हीं बच्चों को दिया जाता है, जिनका ऑनलाइन दाखिला है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक अध्यापकों को सरकार परेशान कर रही है व उनकी मांगें भी नहीं मानी जा रही हैं। इसके विरोध में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा 21 जुलाई को मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार के आवास का करनाल में घेराव करेगा।