अंबाला सिटी। मानसून से पहले वन विभाग की ओर से गर्मियों को देखते हुए 12 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इनमें से चार लाख पौधे विभाग विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और स्कूलों को बांटेगा।
विभाग ने अपनी 12 नर्सरियाें में पौधे तैयार कर लिए हैं। इनमें छोटे बड़े फल, फूल और छाया वाले सभी प्रकार के पौधे शामिल हैं। इसके साथ ही इस वर्ष विभाग द्वारा 600 हेक्टेयर में किसानाें के लिए सफेदा के पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें विभाग द्वारा किसानों को 6 लाख 50 हजार सफेदा के पौधे दिए जाएंगे।
विभाग की ओर से एक वर्ष तक सफेदा की देखरेख कि जाएगी। इसके बाद किसान को सौंप दिया जाएगा। किसानों को इसके लिए बस आवेदन पत्र देना होगा। जगह के अनुसार किसान को पौधे दिए जाएंगे।
पौधे के आकार अनुसार बनाए गड्ढे
जिला वन अधिकारी डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि पौधारोपण से पहले पौधा लगाने की सही तकनीक का पता होना भी जरूरी है।छोटे पौधे के लिए 45 सेंटीमीटर गहरे, चौड़े और लंबे गड्ढे की तो वहीं बड़े पौधे के लिए 60 सेंटीमीटर गहरे, चौड़े और लंबे गड्ढे की आवश्यकता होती है। गड्ढा सही न बने तो पौधा बढ़ नहीं पाता। इसी कारण अधिकतर पौधारोपण के बाद पौधे चल नहीं पाते। मिट्टी डालने के बाद एक पानी मिट्टी से हवा निकालने के लिए देना चाहिए। इसके बाद पौधे की प्रकृति के अनुसार ही पानी व खाद देना चाहिए। गड्ढे में पांच सेंटीमीटर तक खाद और मिट्टी के मिश्रण को मिलाना चाहिए। जैसे पौधा बड़ा होता है उसकी सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगाना जरूरी है।
गर्मियों के मौसम में न लगाए पौधे
डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि पौधे लगाने के लिए उपयुक्त समय फरवरी से मार्च के बीच रहता है। गर्मी के मौसम में पौधे मर जाते है। इसलिए बारिश के बाद ही पौधारोपण शुरू करना चाहिए।
वर्जन
विभाग के पास 12 लाख से अधिक पौधे तैयार है। बारिश के बाद पौधा वितरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही विभाग की ओर से पौधारोपण के लिए लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
-डॉ. पवन कुमार शर्मा जिला वन अधिकारी, अंबाला।