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Ambala News: आरक्षण पर एससी एसटी समाज ने जताया रोष

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बराड़ा में प्रदर्शन करते हुए एससी एसटी समाज के लोग।
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अंबाला सिटी। आरक्षण आरक्षण वर्गीकरण मामले पर बुधवार को एससी और एसटी समाज के लोगों ने भारत बंद के तहत रोष मार्च निकाला। यह रोष मार्च जंडली से शुरू होकर उपायुक्त कार्यालय पर समाप्त हुआ। बुधवार को आजाद समाज पार्टी के संचालक कांशीराम अपने साथियों के साथ राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
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उन्होंने कहा कि संविधान में ही एससी और एसटी समाज के लिए आरक्षण का प्रावधान है। लेकिन इसके बाद भी सरकारी विभागों में आरक्षण का कोटा पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सर्वाेच्च न्यायालय के आदेशों के चलते अगर राज्य सरकारों ने आरक्षण का सर्वे करवाया तो एससी और एसटी जातियों को काफी नुकसान होगा। उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो वे 11 सितंबर को दिल्ली में धरना प्रदर्शन करेंगे।
इन मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
जातिगत जनगणना करवाई जाए, अनुसूचित जाति एवं जन जातियों का आरक्षण सभी विभागों में पूरा किया जाए, गैर सरकार संस्थानों में भी आरक्षण व्यवस्था लागू की जाए, आरक्षण व्यवस्था लागू होने तक आरक्षण में छेड़ छाड़ न कि जाए।
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एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। एससी- एसटी समाज के लोगों ने नगर में शांति मार्च निकालते हुए एसडीएम को राष्ट्र्पति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। अंबेडकर भवन में एससी-एसटी समाज के लोगों की एक बैठक रामचंद्र की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इसके उपरांत एससी और एसटी समाज के लाेगों ने अग्रसेन चौक, अंबेडकर चौक से होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे जहां पर एसडीएम नारायणगढ़ को ज्ञापन सौंपा गया।
एससी समाज ने किया प्रदर्शन, सरकार को दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। आरक्षण वर्गीकरण मामले को लेकर बुधवार को एससी समाज के लोगों ने भारी संख्या में एकत्र होकर प्रदर्शन किया और मांग ना माने जाने पर विधानसभा चुनाव में मौजूदा सरकार के विरोध का एलान किया।आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य गुलशन कुमार ने बताया कि एक अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के आरक्षण के संबंध में दिए गए निर्णय से ऐसी समाज के लोगों में रोष है। यह निर्णय भारतीय संविधान में दिए गए आरक्षण की मूल भावना की विपरीत है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार एससी-एसटी के उप वर्गीकरण का कोई प्रावधान का अनुच्छेद नहीं है इसलिए वर्गीकरण के इस निर्णय को वापस लिया जाए और सरकारें इस निर्णय को लागू न करें।
आरक्षण मामले पर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। आरक्षण में वर्गीकरण के सुप्रीम कोर्ट व भारत सरकार के फैसले के विरोध में मुलाना विधानसभा के सभी गांव से एसी, एसटी, ओबीसी समाज से सभी गांवों से निवासी साहा की अनाज मंडी में इकट्ठा हुए और महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया। साहा तहसील के नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इस भारत बंद प्रदर्शन में काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का पूरे देश में विरोध किया गया।

बराड़ा में प्रदर्शन करते हुए एससी एसटी समाज के लोग।

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