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Ambala News: गली के कुत्तों से बचा लो, नोंच-नोंच कर खा रहे

Tue, 28 Mar 2023 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
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अंबाला। आवारा कुत्तों के हमले के बाद छावनी के गांधी नगर निवासी घायल गुरुद्वारे का पाठी व इलाकावासी सोमवार को नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। वह कहते दिखाई दिए कि गली से कुत्तों से कोई बचा लो, हमला कर वह नोंच-नोंच कर खा रहे हैं। उन्हें पता चला कि किंशफिशर में अधिकारियों की मीटिंग होने के कारण कोई नहीं मिला तो विभाग की कार्यप्रणाली को कोसते हुए लौट गए।
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हैरानी की बात यह है कि गली के कुत्तों ने एक व्यक्ति को जगह-जगह से नोंच डाला और प्रशासन की ओर से एक दिन बीतने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाए गए। उधर, स्थानीय लोगों ने कहा कि मंगलवार को एक बार फिर कार्यालय में आकर अधिकारियों से उनकी गली के उन कुत्तों को पकड़वाने की मांग करेंगे। ऐसे में गली मोहल्ले वालों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है और सभी सहमे हुए है। उधर, नगर परिषद के अधिकारियों से बात की गई तो वह बोले कि वह कुत्तों को ऐसे नहीं पकड़ सकते हैं और न ही लोकेशन बदलकर कहीं ओर छोड़ सकते हैं। आखिर में केवल नसबंदी कर सकते हैं। ऐसे केस को लेकर पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर से बातचीत कर सुझाव मांगा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 26 मार्च को छावनी के गांधी नगर लाला वाला पीर के सामने आवारा कुत्तों ने बाइक सवार गुरुद्वारे के पाठी पर हमला कर जगह-जगह से नोंच डाला था। गुरुद्वारा साहिब से जैसे ही पाठी बाइक पर लौट रहा था तो अचानक गली के ही 4-5 कुत्ते पीछे पड़ गए। देखते ही देखते एक साथ सभी ने उस पर हमला कर दिया। टांगों पर काटने के बाद पाठी को जगह-जगह से नोंच डाला था। यहां तक कि हाथ के एक अंगूठे का अगला हिस्सा भी खा गए। पत्नी ने शोर सुना तो पड़ोसियों की मदद से कुत्तों को डंडे मारकर खदेड़ा। ऐपाठी के शरीर पर 20 जगह घाव आए थे।
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बाहर से खरीदकर लगवाया था 2800 का टीका : नरेंद्र सिंह
घायल पाठी नरेंद्र सिंह ने नगर परिषद में इनेलो नेता ओंकार सिंह के समक्ष कहा कि रविवार को वह उपचार करवाने अपनी पत्नी व बेटी के साथ छावनी नागरिक अस्पताल में डॉक्टर अमित ने उनसे 2800 रुपये की कीमत का टीका बाहर से लाने को कहा। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी को भेजकर टीका मंगवाया। उस टीको को डॉक्टर ने जख्म में ही लगाया था। डॉक्टर अमित ने बताया कि वह टीका जख्म के घाव भरने के जरूरी होता है। अस्पताल में उस समय टीका उपलब्ध नहीं था इसलिए नरेंद्र को कल आकर ओपीडी में टीका लगवाने के लिए बोला था। वह अपनी मर्जी से बाहर से लेकर आए और टीका लगवाया था।


पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर से बातचीत कर सुझाव मांगा जाएगा कि ऐसी स्थिति में क्या किया जाए। वह केवल नसबंदी कर सकते हैं। बिना टेंडर के न तो वह लोकेशन बदल सकते हैं और न ही उन्हें उठा सकते हैं। - विनोद बैनिवाल, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर नगर परिषद
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