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Ambala News: बारिश से सड़कें और अंडरब्रिज जलमग्न, घंटों फंसी रहीं गाड़ियां, बेबस जिम्मेदार

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बारिश से सड़कें और अंडरब्रिज जलमग्न, घंटों फंसी रहीं गाड़ियां, बेबस जिम्मेदार
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बारिश से सड़कें और अंडरब्रिज जलमग्न, घंटों फंसी रहीं गाड़ियां, बेबस जिम्मेदार
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- 141 एमएम बारिश ने खोली इंतजामों की पोल, सिटी से लेकर अंबाला छावनी तक बुरे हालात
- सीवरेज सिस्टम ठप, स्कूल सहित लोगों के घरों में घुसा पानी, मददगारों ने भी खड़े किए हाथ

संवाद न्यूज एजेंसी,
अंबाला सिटी। ट्विनसिटी अंबाला में बुधवार देर रात्रि को पांच घंटे तक झमाझम बारिश से शहर की अधिकतर सड़कें जलमग्न हो गईं। लगभग 141 एमएम बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। कुछ ही देर में अंबाला सिटी और छावनी की तमाम कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। अधिकांश अंडरब्रिजों में पानी भर गया। इससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जगह-जगह गाड़ियां फंसने से जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान पुलिस की इमरमेंसी सेवा डाॅयल 112 भी लाचार दिखाई दी।
अंबाला शहर में जलभराव के बाद जब लोगों ने मदद के लिए डॉयल-112 पर फोन तो उन्होंने भी मदद करने से हाथ खड़े कर दिए। उनका कहना था कि हम जलभराव में आए तो हमारी भी गाड़ी बंद पड़ जाएगी। आलम यह था कि अंबाला शहर में मॉडल टाउन के पास सबसे अधिक जलभराव था, जहां लोगों की गाड़ियां बंद हो रहीं थी वहां से कुछ दूरी पर ही एक दुकान में आग लगी थी जिसे फायर ब्रिगेड बुझाने का काम कर रही थी। इस दौरान डायल 112 सेवा के मुलाजिम यहां अपनी गाड़ियां लेकर खड़े थे। जब स्थानीय लोगों ने मदद को कहा तो उन्होंने साफ कह दिया कि हम नहीं जा सकेंगे। किसी गाड़ी टोचन करने वाले को बुला लो। ऐसे परिस्थिति में अंडर ब्रिज में फंसने वालों की मदद के लिए क्या ही उम्मीद की जाए। इसके साथ ही बारिश तेज होने से कई इलाकों में बिजली भी गुल हो गई और लोगों को अंधेरे में रात्रि बिताने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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शहर के मिलाप नगर में भी लोगों के घरों में जलभराव हो गया। मौके पर पार्षद प्रतिनिधि गुरप्रीत शाना भी पहुंचे। यहां अर्थमूविंग मशीन के जरिए जलभराव के लिए सड़क को साइड से उखाड़ा गया, उसके बाद पानी निकलना शुरू हुआ। स्थानीय निवासी सोहन सिंह, बलवीर सिंह, हैप्पी ने बताया कि उनके घरों तक पानी पहुंचने से उनको परेशानी झेलनी पड़ रही है। पिछले वर्ष भी उनका सामान खराब हो गया था। अब फिर ऐसे ही हालात बन गए हैं।


ट्रैक पर पानी आने से तीन घंटे तक ट्रेनों का संचालन रहा प्रभावित

बारिश के कारण जहां आमजन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया, वहीं रेल पटरियों पर पानी आने से लगभग तीन घंटे तक ट्रेनों का संचालन बाधित रहा। इस दौरान कई वाहन भी नेशनल हाईवे सहित अंदरुनी सड़कों पर फंस गए। बारिश के बीच अंबाला सिटी के प्रेमनगर स्थित दुकान में आग लग गई और बुझाने में अग्निशमन कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जलभराव से निचले इलाकों में लोगों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। ऐसे में लोग अंबाला प्रशासन सहित निगम और परिषद के अधिकारियों को कोसते नजर आए। उनका कहना था कि सीवरेज लाइन पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए, लेकिन बरसों पुरानी जलभराव की समस्या आज भी बरकरार है। जलभराव की समस्या का खामियाजा सबसे ज्यादा हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले निवासियों को भुगतना पड़ा। वहीं सुभाष नगर के सरकारी स्कूल में भी बारिश का पानी घुस गया। इसी प्रकार अन्य स्कूलों के हालात भी खराब रहे। गोबिंद नगर, राम नगर, राजा पार्क , महेशनगर, मिल के पीछे दर्जनों कॉलोनियों में भी जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पूर्व गृहमंत्री के निवास स्थान शास्त्री कॉलोनी में भी जलभराव हो गया, मजबूरन लोगों को गाड़ियां नेशनल हाईवे की सर्विस लेन पर खड़ी करनी पड़ीं।







निगम के दावों की निकली हवा

कॉलोनी व सेक्टरों में जलभराव होने से निगम के दावों की हवा निकल गई। सबसे ज्यादा बुरे हालात शहर के नदी मोहल्ला क्षेत्र में देखने को आई, जहां लोगों के घरों में जलभराव हो गया और रात में तो ज्यादा पानी होने से गली में घर के बाहर खड़ी स्कूटी तक आधे से ज्यादा डूब गई। इसी तरह शहर के सेक्टर-8, 9, 10, मानव चौक के पास, मिलाप नगर, प्रेम नगर, मॉडल टाउन, करतार नगर, टीबी अस्पताल रोड, पुराना सिविल अस्पताल के सामने, मानव चौक से कोर्ट रोड जाने वाली सड़क, रेलवे अंडरब्रिज के नीचे जलभराव हो गया। अंडरब्रिज के नीचे एक गाड़ी भी फंस गई। उसे अर्थमूविंग मशीन के जरिए बाहर निकाला गया। पार्षद मिथुन वर्मा ने कहा कि रात में बारिश से काफी जलभराव हो गया, लेकिन निगम के कर्मचारी रात में नहीं पहुंचे। पंप भी बंद पड़े थे।






राजकीय प्राथमिक पाठशाला रवालों की गिरी चारदीवारी

राजकीय प्राथमिक पाठशाला रवालों की चारदीवारी भी बारिश के दौरान रात में गिर गई। यह चारदीवारी स्कूल के पिछली साइड में गिरी। यह स्कूल भवन कई माह से कंडम घोषित किया गया है, लेकिन अभी तक इस स्कूल का नया भवन बनाने के लिए विभाग ने राशि जारी नहीं की। स्कूल के भवन निर्माण संबंधित फाइल कई महीने से निदेशालय में लटकी हुई है। स्कूल को लेकर अधिकारियों ने अभी तक सुध नहीं ली, जिससे विद्यार्थियों के लिए भी यह भवन खतरा है, क्योंकि विद्यार्थी अन्य भवन न होने से कंडम भवन में बैठने को मजबूर हैं।






शहर में पानी निकासी के लिए कई जगहें पर पंप लगाए गए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकाला जा रहा है ताकि लोगों को दिक्कत न आए। इनमें कोर्ट रोड, इंको, मॉडल टाउन, नदी मोहल्ला, मनमोहन नगर सहित अन्य जगह शामिल हैं।
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अदिति, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।






जलभराव की समस्या को देखते हुए नगर परिषद के सभी अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया था। कार्यालय में एक सहायता केंद्र भी स्थापित किया गया था ताकि शिकायत मिलते ही संबंधित क्षेत्र में जाकर पानी निकासी का प्रबंध किया जा सके।

रविंद्र कुहाड़, कार्यकारी अभियंता, नप सदर।
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