अंबाला। छावनी नागरिक अस्पतालों से इमरजेंसी के मरीजों को सरकारी एंबुलेंस के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। अगर किसी अस्पताल में इमरजेंसी नहीं है और एंबुलेंस खड़ी तो उसी स्थिति में डिस्चार्ज मरीजों को सुविधा दी जाएगी। इसको लेकर डायल-112 व एंबुलेंस के टोल फ्री नंबर पर भी काम किया जा रहा है।
दरअसल, नागरिक अस्पतालों से रेफरल मरीजों की संख्या में कमी आने के कारण गत दिवस ही डिप्टी डायरेक्टर की एंबुलेंस के ईएमटी, ड्राइवरों के साथ मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में जब समीक्षा की गई तो सामने आया था कि इमरजेंसी के समय डिस्चार्ज मरीजों के लिए एंबुलेंस भेजी होती थी। जबकि डिस्चार्ज मरीजों को ले जाने वाला आंकड़ा बढ़ रहा था। ऐसे में निर्देश दिए गए थे कि पहले इमरजेंसी को प्राथमिकता दी जाएगी।
अगर किसी सेंटर पर दो या तीन एंबुलेंस है तो उसे डिस्चार्ज मरीज को दी जाएगी। बता दें कि सरकारी एंबुलेंस डायल 112 से जुड़ने के बाद इनमें अस्पताल से डिस्चार्ज मरीजों को भी घर छोड़ने की सुविधा शुरू हो गई थी। ऐसे में इमरजेंसी के साथ-साथ एंबुलेंस पर डबल भार हो गया था। इसलिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी चरमरा गई थी। यहीं कारण था कि कई बार इमरजेंसी के लिए मरीज इंतजार करते थे और एंबुलेंस नहीं होती थी।
वर्जन
गत दिवस ही मीटिंग में निर्देश मिले हैं कि पहले इमरजेंसी के मरीजों को प्राथमिकता दी जानी है। किसी सेंटर पर एंबुलेंस 2 या 3 खड़ी है तो उस स्थिति में डिस्चार्ज मरीज को सुविधा दी जाएगी।
कमल, ईएमटी सरकारी एंबुलेंस