नारायणगढ़। नारायणगढ़ कालाआम्ब सीमा क्षेत्र में मौजा डेरा के अंतर्गत शिवालिक कॉलोनी में हो रहे भूमि-कटाव से रिहायशी मकानों को खतरा पैदा हो गया है। अभी हाल ही में हुई दो मूसलाधार बारिश से मारकंडा नदी की ओर बहुत बड़े भू -भाग का कटाव हुआ है जिससे इसके साथ लगते रिहायशी इलाके के करीब दो दर्जन घरों पर खतरा मंडराने लगा है। अगर इसी तरह की बारिश और हो गई तो लोगों को अपने घर बचाने मुश्किल हो जाएंगे। लिहाजा, उक्त स्थान शिवालिक कॉलोनी में मारकंडा नदी की ओर रिटेनिंग वाल लगाना निहायत जरूरी हो गया है। बहरहाल, लगातार हो रहे भू कटाव से कॉलोनी की आपातकाल स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने इस समस्या के बारे में उपायुक्त को भी लिखित रूप से भी अवगत करा दिया है।
उपायुक्त ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग, नारायणगढ़ को मौका देखने और उचित समाधान करने के लिए लिखा। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई उचित कदम नहीं उठाया जा सका। स्थानीय लोग डरे सहमे अपने घरों में जागकर रातें बिता रहे हैं। प्रशासन की अनदेखी के चलते इन कॉलोनी के लोगों ने कुछ पैसा एकत्रित करके अपने खर्चे पर थोड़ा बहुत भूकटाव रोकने का भी प्रयास किया मगर वह नाकाफी साबित हुआ। परिणामस्वरूप, शिवालिक कॉलोनी भू कटाव की चपेट में है। कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है। स्थानीय लोगों में ओम प्रकाश, बसंत लाल, अंजू, स्वाति सैनी, उपमा धीमान, दर्शन सैनी, देवकुमार, रजत शर्मा, जाबिर अली, पंकज, दीपक, राममूर्ति और मेनका देवी ने बताया कि मारकंडा नदी की ओर भू कटाव होने से उनके घरों को खतरा पैदा हो गया है। अगर इस भू कटाव को रोकने के लिए समय रहते कोई कारगर उपाय नहीं किया गया तो काफी नुकसान होगा। उन्होंने जिला प्रशासन से आपदा प्रबंधन फंड से उक्त स्थान पर भू कटाव को रोकने के लिए जल्द कारगर कदम उठाने की मांग की है।