मुलाना। बीते रोज मरकंडा नदी में आए उफान से जलस्तर 46 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था। इससे नेशनल हाईवे-344 पर भी नदी का पानी आ गया था, लेकिन मंगलवार को यह घटकर 12 हजार क्यूसेक रह गया है। इससे आमजन सहित सिंचाई विभाग और प्रशासन ने राहत की सांस ली है, हालांकि आधा दर्जन गांव में मंगलवार को भी जलभराव की स्थिति रही। फसलें भी पानी में डूबी रही। ग्रामीणों को पानी के बीच से ही आना जाना पड़ा।
सिंचाई विभाग के अनुसार पहाड़ों में बरसात थमने के बाद अब मरकंडा का जलस्तर घटता जा रहा है और अब जलस्तर बढ़ने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही जमा पानी की भी निकासी हो जाएगी। अगर किसी गांव में पानी नहीं उतरता है तो उसके लिए विभाग की अलग से विंग है, जो पंप के जरिए पानी निकलने में मदद करेगी। नहरी विभाग एसडीओ नितिश चंदेल ने बताया कि मंगलवार शाम को मारकंडा नदी का जलस्तर सामान्य हो गया है। इसके बावजूद उन्होंने फिलहाल लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है।