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Ambala News: डोर टू डोर कचरा उठान में वसूली

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अंबाला। कचरा निस्तारण में अलग ही मामला सामने आया है। इसमें कचरा उठाने और उसके अलग-अलग करने वालों से वसूली की जा रही है। इसमें हर गाड़ी से रोजाना 120 से 150 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इस बात के लिए सफाई कर्मचारी सामने भी नहीं आ रहे, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं इसका विरोध करने पर उनसे काम वापस न ले लिया जाए। नगर निगम के अधिकारियों के संज्ञान में भी मामला है। बताया जाता है कि वसूली का यह खेल हर वार्ड में चल रहा है। इसमें कई बड़े लोग इन शामिल हैं। ऐसे में इस मामले के लिए पिछले दो दिनों से चर्चा बनी है। वहीं दूसरी तरफ इस कार्य को कराने वाली कंपनी के प्रतिनिधि का कहना है कि वह टेंडर की शर्तों के हिसाब से काम कर रहे हैं। अब सफाई कर्मचारियों से इस प्रकार की वसूली ने नगर निगम में हर किसी को हैरान कर के रख दिया है।
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नगर निगम में 40 गाड़ियां और करीब 150 रेहड़ी
नगर निगम डोट टू डो कचरा उठान के लिए करीब 40 गाड़ियां चलाई जाती हैं। वहीं 150 के करीब रेहड़ियों से कचरा उठान किया जाता है। आरोप है कि इन रुपयों को हर वार्ड में सुपरवाइजरों के माध्यम से हर रोज एकत्रित किया जाता है। इस हिसाब से देखें तो हर रोज 40 गाड़ियों से 4800 रुपये एकत्रित किया जाता है। जबकि रेहड़ियों से 50 रुपये के करीब लिए जा रहे हैं। ऐसे में अगर एक महीने का हिसाब लगाया जाए तो यह आंकड़ा काफी बड़ा हो जाता है।

सफाई कर्मी बोला- कई दिनों से ले रहे हैं रुपये, रसीद भी नहीं देते
इस मामले में एक सफाई कर्मी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि पिछले कुछ समय से कचरा अलग करने को लेकर रोजाना 120 रुपये लिए जाते हैं। इसे बाद हम कचरा बेच भी दें तब भी खर्चा नहीं निकलता है। जब इसका विरोध करते हैं तो कार्रवाई करने का डर दिखाते हैं। इस समस्या के कारण हम काफी परेशान हैं। हर सफाई कर्मचारी को अपने वार्ड में यह शुल्क देना पड़ रहा है।
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यह है कचरा निस्तारण की प्रक्रिया
कचरा निस्तारण पॉलिसी के अनुसार अगर कंपनी कचरा उठान का काम कर रही है तो यह उसकी जिम्मेदारी है कि वह कचरे को पहले तो अलग-अलग कराए इसके बाद निस्तारित कराए। मगर कुछ स्थानों पर कंपनी कचरा बीनने वालों को यह जिम्मेदारी दे देती है। एक गाड़ी पर कम से कम दो लोगों को ड्राइवर अपने साथ लगा लेता है, जो घरों आने वाले कचरे को मौके पर ही अलग-अलग करते हैं। कचरा बीनने के बाद जो प्लास्टिक या अन्य सामान आया उसे वह बेचकर अपना मेहनताना निकाल लेते हैं। मगर स्थिति यह है कि रोजाना 120 रुपये दे देंगे तो कचरा बेचकर भी वह अपने लिए खर्चा नहीं निकाल सकते हैं। इस मामले में सफाईकर्मियों को शक है कि सुपरवाइजरों के माध्यम से रुपये कंपनी तक पहुंच रहे हैं।

हम नियमानुसार कर रहे काम : कंपनी प्रतिनिधि
इस मामले में कंपनी के प्रतिनिधि मयंक से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके टेंडर के हिसाब से वह कार्य कर रहे हैं। वह रुपये नियमानुसार ले रहे हैं। अगर किसी को शिकायत है तो हमें आकर बताए। यह आरोप गलत लगाए जा रहे हैं।


कंपनी की ओर से किसी प्रकार का कचरा बीनने के नाम पर रुपये नहीं लिए जा सकते हैं। अगर किसी सफाई कर्मचारी को दिक्कत है तो वह हमें आकर शिकायत करे हम कार्रवाई करेंगे।
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-सुनील दत्त, सीएसआई
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