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Ambala News: रामायण पाठ का आयोजन

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अंबाला सिटी के सेक्टर-7 में स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में चल रहे श्रीराम चरित्रमानस रामायण
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अंबाला सिटी। अंबाला सिटी के सेक्टर-7 स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में गतदिवस श्रीराम चरित मानस रामायण पाठ की कथा का विधिवत शुभारंभ किया गया। जिसका समापन श्रीराम नवमी के दिन 17 अप्रैल को किया जाएगा। इस भव्य कार्यक्रम में प्रतिदिन 108 परिवार सामूहिक रूप से शाम चार से साढ़े पांच बजे तक कथा सुनेंगे, वहीं मंदिर पंडितों की ओर से करवाए जाने वाले पूजन आदि में भी भाग लेंगे।
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कथा के दूसरे दिन सर्वप्रथम पंडित धर्मेंद्र गौड़ व पंडित त्रिलोचन शर्मा ने श्री रामायण पाठ का विधिवत पूजन करवाया। इसके बाद संगीतमयी धुनों के बीच गणेश वंदना करते हुए मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित भगवती प्रसाद पुरोहित ने श्रीराम चरित मानस रामायण पाठ की कथा का शुभारंभ किया।
इस दौरान पंडित ने सती माता की कथा का व्याख्यान करते हुए कहा कि त्रेतायुग में भगवान श्रीराम जब माता सीता के हरण के बाद व्याकुल होकर इधर-उधर माता सीता की खोज कर रहे थे। तब शंकर भगवान श्रीराम को देख मग्न हो रहे थे, जिसपर सती माता को भ्रम हो गया कि श्रीराम भगवान नहीं हैं वह एक साधारण मनुष्य ही है।
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इसी बात को लेकर भगवान भोलेनाथ ने भी सती माता को बहुत समझाया, मगर जब वह संतुष्ट नहीं हुई तो भोलेनाथ ने श्रीराम की परीक्षा लेने के लिए कह दिया। सती माता जब सीता माता का स्वरूप धारण कर श्रीराम के सामने पहुंची तो मर्यादा पुरुषोत्तम ने सती माता को तुरंत पहचान लिया।
भगवान भोलेनाथ के बारे में पूछना शुरू कर दिया। तब सती माता को लज्जित होकर वहां से वापिस लौटना पड़ा। कथा के समापन पर मुख्य यजमान की भूमिका में रहे मधु परिवार व अन्य उपस्थित सदस्यों ने विधिवत भगवान श्रीराम चन्द्र की आरती में भाग लिया। तत्पश्चात मधु परिवार के सदस्यों ने उपस्थित भक्तों को प्रसाद वितरित किया।
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अंबाला सिटी के सेक्टर-7 में स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में चल रहे श्रीराम चरित्रमानस रामायण

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