फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: रेलवे विश्व धरोहर कालका-शिमला सेक्शन पर कोच पर लगेंगे विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन
हरिंदर पाल सिंह
विज्ञापन

अंबाला। विश्व धरोहर कालका-शिमला सेक्शन पर चलने वाली ट्रेनों के कोच पर पहली बार रेलवे विज्ञापन से संबंधित पोस्टर लगाएगी। इन विज्ञापनों से होने वाली आय का इस्तेमाल सवारियों की सुविधाओं में किया जाएगा।
अंबाला मंडल के सीनियर डीएमई सीएंडडब्ल्यू की तरफ से इस संबंध में सीनियर डीसीएम के साथ पत्र भी भेजा है, जिससे कि विज्ञापन से संबंधित आगामी कार्रवाई जल्द शुरू की जा सके। रेलवे के कोच पर विज्ञापन का ट्रेंड पुराना है, लेकिन अब इसकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। इसलिए अब रेलवे ने फैसला किया है कि कालका-शिमला सेक्शन पर चलने वाली ट्रेनों के कोच भी विनाइल रैपिंग कारोबार यानी विज्ञापन के लिए उपलब्ध कराए जाएं। जल्द ही लोग उक्त सेक्शन पर चलने वाली विस्टाडोम कोच सहित अन्य टॉय ट्रेनों पर टूथपेस्ट, वाशिंग पाउडर या चाय पत्ती के नाम से विज्ञापन लगाए जाएंगे।
विज्ञापन

ई-ऑक्शन से लीज पर मिलेंगे कोच और इंजन
ट्रेन के इंजन और उसकी बोगी के बाहरी हिस्से में प्रचार करने के लिए खिड़की की जगह छोड़कर उसकी विनाइल रैपिंग की जाती है। ईएमयू / मेमू / डीएमयू ट्रेनों के लिए एक साल की लाइसेंस फीस के बेस प्राइस रखे हैं। इसमें खिड़की से नीचे विज्ञापन के 25 लाख रुपये और पूर कोच पर विज्ञापन के लिए 50 लाख रुपये निर्धारित हैं। इसी प्रकार मेल, एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों के लिए 50 लाख और एक करोड़, छह माह की अवधि के लिए 12.50, 25 और 25 और 50 लाख, तीन माह के विज्ञापन के लिए 6.25, 12.50 और 12.50 और लाख और 45 दिन की अवधि के लिए ईएमयू / मेमू / डीएमयू का बेस प्राइज 3.12 और 6.25 लाख आर मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए बेस प्राइज 6.25 और 12.50 लाख रुपये निर्धारित हैं।
कालका-शिमला सेक्शन पर हैं 88 कोच
कालका-शिमला सेक्शन पर मौजूदा समय में सात टॉय ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इसमें कालका-शिमला पैसेंजर, कालका-शिमला रेल मोटरकार, शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस, कालका-शिमला एनजी एक्सप्रेस, हिम दर्शन एक्सप्रेस, हिमालयन क्वीन और कालका-शिमला ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रह है। इन ट्रेनों में विस्टाडोम के प्रथम व द्वितीय कोच के अलावा अन्य लगभग 88 कोच लगे हैं।
विज्ञापन


राजधानी, शताब्दी सहित मेल और एक्सप्रेस और अन्य ट्रेनों में विनायल रैपिंग का ट्रैंड पुराना है। इसके तहत अब कालका-शिमला सेक्शन पर चलने वाले कोच पर भी विज्ञापन के प्रचार की योजना तैयार की गई है, जिससे कि रेलवे के राजस्व में बढ़ोतरी हो और यह पैसा यात्री सुविधाओं पर खर्च किया जा सके।
मंदीप सिंह भाटिया, मंडल रेल प्रबंधक, अंबाला।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें