हरिंदर पाल सिंह
अंबाला। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) द्वारा तैयार किया गया अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन का नक्शा केंद्रीय रेलमंत्री अश्विन वैष्णव को पसंद नहीं आया है, इसलिए अब नक्शे को दोबारा से तैयार करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, नक्शे में कुछ बदलाव के निर्देश रेलमंत्री द्वारा आरएलडीए को दिए गए हैं ताकि स्टेशन एक अलग ही अंदाज में नजर आए। इससे पहले आरएलडीए द्वारा चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का भी नक्शा तैयार किया गया था। अब नक्शे के आधार पर चंडीगढ़ स्टेशन को भी विश्वस्तरीय बनाने के लिए आरएलडीए द्वारा कार्य किया जा रहा है। इस पर लगभग 460 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अंबाला कैंट स्टेशन को नए सिरे से तैयार करने का कार्य किया जाना है। इसके तहत एयरपोर्ट की तर्ज पर पार्किंग के लिए अलग से रास्ता तैयार किया जाएगा ताकि वाहनों की संख्या बढ़ने पर भी यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही स्टेशन को चारों तरफ से कवर किया जाएगा और खुले क्षेत्रों को बंद किया जाएगा। प्लेटफार्म पर पहुंचने के लिए स्वचालित सीढ़ियों का प्रबंध किया जाएगा। रेलवे स्टेशन के आगमन और निकासी द्वार पर स्वचालित दरवाजे लगाए जाएंगे जो कि सेंसर युक्त होंगे और रेलवे टिकट स्कैन करने के बाद ही खुलेंगे ताकि अनाधिकृत व्यक्ति स्टेशन पर प्रवेश ही न कर पाए। उक्त कार्यों के लिए रेलवे ने 400 करोड़ का बजट रखा है। साथ ही स्टेशन के कायाकल्प की जिम्मेदारी आरएलडीए को सौंपी गई है। संवाद
बढ़े आकार का होगा वेटिंग हाल
रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों के लिए एक बढ़े आकार का वेटिंग हाल बनाया जाएगा। इसमें भोजन के लिए रेस्तरां, शॉपिंग मॉल, मनोरंजन के लिए एलईडी टीवी, ट्रेनों की जानकारी देने के लिए बढ़े इलेक्ट्रानिक्स सूचना बोर्ड व उद्धोषणा प्रणाली का प्रबंध किया जाएगा।
300 ट्रेनों का संचालन
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन का निर्माण 132 वर्ष पहले सन 1891 में हुआ था। मौजूदा समय में अंबाला कैंट स्टेशन से पंजाब, हिमाचल, जम्मू, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, झारखंड, असम सहित अन्य प्रदेशों को जाने वाली करीब 300 ट्रेनों का संचालन हो रहा है।
एक छत के नीचे होंगे सभी कार्यालय
आरएलडीए द्वारा तैयार किए जा रहे नक्शे के तहत स्टेशन पर बने सभी कार्यालय एक ही इमारत में शिफ्ट कर दिए जाएंगे। इसमें प्लेटफार्म एक पर बना स्टेशन निदेशक और स्टेशन मास्टर के कमरे सहित अन्य विभागों के कमरे शामिल होंगे। योजना के अनुसार, यह बहुमंजिला इमारत प्लेटफार्म एक पर बने आरएमएस कार्यालय के पीछे खाली जमीन पर बनेगी। यहीं एक मुख्य कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा, जहां से पूरे रेलवे परिसर, प्लेटफार्म, रेलवे यार्ड, आगमन द्वार, पार्किंग, पार्सल सहित सभी स्थानों पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी। वहीं प्लेटफार्म पर प्रवेश और निकासी के लिए दो अलग-अलग दरवाजे होंगे, एक से निकासी और एक से यात्री प्रवेश कर सकेंगे।
आरएलडीए द्वारा तैयार किए गए अंबाला कैंट स्टेशन के नक्शे को केंद्रीय रेलमंत्री ने देखा था। उन्हें स्टेशन का फ्रंट हिस्सा पसंद नहीं आया है। उन्होंने आरएलडीए को इसे नए सिरे से तैयार करने के निर्देश दिए हैं। नक्शा फाइनल होने पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। लगभग 400 करोड़ रुपये अंबाला कैंट स्टेशन के नवनिर्माण पर खर्च होंगे।
मंदीप सिंह भाटिया, रेल प्रबंधक, अंबाला मंडल।