अंबाला। ट्रेनों के कोच में पानी की समस्या से निपटने की तैयारी रेलवे ने शुरू कर दी है। इसके लिए रेलवे ने कोच वाटर प्रबंधन सिस्टम तैयार किया है। इसके तहत पहले कोच की खाली टंकियों में पानी भरा जाएगा।
इसके बाद दूसरी टंकियों में, इसके अलावा जल्द ही कोच में एक विशेष प्रकार का बटन भी लगाया जाएगा जोकि टंकी में पानी का स्तर कम होते ही सेंसर की मदद से चेतावनी देगा और इसकी जानकारी तुरंत रेलवे के कंट्रोल रुम तक भी पहुंच जाएगी ताकि ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही कोच में पानी भरने की व्यवस्था बनाई जा सके।
परेशानी से जूझते हैं यात्री
ट्रेन में सफर के दौरान पानी की समस्या काफी गंभीर रहती है। रोजाना दर्जनों ट्रेनों से समस्या की जानकारी रेलवे तक पहुंचती है। ट्रेनों को समय पर चलाने के चक्कर में कई बार कोच में बिना पानी भरे ही उसे गंतव्य की तरफ रवाना कर दिया जाता है। पिछले कुछ मामलों में तो यह जानकारी मिली है कि यात्री 8 से 10 घंटे तक बिना पानी के ही ट्रेन में सफर करते रहे और जब ट्रेन अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो यात्रियों ने ट्रेन को आगे नहीं चलने दिया।
400 से 700 गैलन की टंकियां
रेलवे से प्राप्त जानकारी अनुसार रेलवे के पुराने कोच में 400 गैलन की टंकियां लगी हुई हैं और नए एलएचबी कोच में 700 गैलन की। इन्हें भरने में ही पांच से सात मिनट का समय बीत जाता है। रेलवे की ओर से लगाए जा रहे नए सिस्टम से यह कार्य पांच से सात सेकेंड में पूरा हो जाएगा और कोच में पानी की कमी यात्रियों को नहीं खलेगी।
स्टेशन पर पांच सौ से ज्यादा प्वाइंट
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन की बात करें तो यहां रोजाना 300 के करीब पैसेंजर, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन होता है। ट्रेनों में पानी भरने के लिए एक-एक प्लेटफार्म पर 90 से 100 तक प्वाइंट स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से कोच में पानी भरने का काम किया जाता है।
तैनात रहते हैं 10 कर्मचारी
प्लेटफार्म एक से सात पर आने वाली ट्रेनों में पानी भरने के लिए 10 से 12 कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। इसमें सुपरवाइजर स्तर के भी कर्मचारी शामिल होते हैं। ट्रेनों में पानी भरने का का कार्य प्राइवेट ठेकेदार के सुपुर्द किया गया है। ठेकेदार के आठ कर्मचारी प्रत्येक प्लेटफार्म पर पानी भरने के लिए तैनात रहते हैं। वहीं रेलवे के दो कर्मचारी और एक सुपरवाइजर कर्मचारियों को कोच की निगरानी करते हैं कि पानी सही तरीके से भरा गया है या नहीं।
वर्जन
ट्रेनों में पानी भरने की समस्या से यात्रियों को अक्सर जूझना पड़ता है। दूसरे राज्यों से आने वाली ट्रेनों में यह एक बड़ी समस्या है, लेकिन अंबाला कैंट स्टेशन पर आने वाली प्रत्येक ट्रेन में पानी का विशेष प्रबंध किया जाता है। इसके लिए रेलवे कोच वाटर प्रबंधन सिस्टम तैयार किया गया है जोकि काफी कारगर साबित हो रहा है।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।