अंबाला सिटी। शंभू बार्डर पर आंदोलनरत किसानों की ओर से प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले प्रदर्शनकारियों को चिह्नित कर उनके वीजा व पासपोर्ट रद्द की तैयारी पर राज्यसभा सदस्य ने सवाल उठाए हैं। इस संबंध में राज्यसभा सदस्य और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले ने अंबाला एसपी जशनदीप सिंह रंधावा को पत्र लिखकर जवाब भी मांगा है, जिसमें डीएसपी जोगिंदर सिंह की बयान वायरल हो रहा है। इसमें कहा गया है कि उग्र संघर्ष करने वाले किसानों का चेहरा ड्रोन व सीसीटीवी से चिह्नित कराया जा रहा है, जिनके वीजा व पासपोर्ट रद्द कराने के लिए केंद्र के पास भेजे जाएंगे।
पुलिस के सूत्रों की मानें तो वीडियो और फोटो से 100 प्रदर्शनकारियों को चिन्हित किया गया है, जिन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। पुलिस की मानें तो पासपोर्ट अधिनियम की धारा 10 के तहत अगर कोई व्यक्ति सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो उसके पासपोर्ट पर मंत्रालय कार्रवाई कर सकता है।
दूसरी ओर इस संबंध में अंबाला पुलिस के डीएसपी जोगिंदर सिंह का बयान वायरल हाे रहा है, जिस पर संज्ञान लेते हुए राज्यसभा सदस्य और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले ने अंबाला एसपी को इस बाबत एक डीओ लेटर भी लिखा है, जिसकी एक प्रति और डीएसपी जोगिंदर सिंह का बयान एक्स प्लेटफार्म पर भी प्रेषित किया गया है। पत्र में राज्यसभा सदस्य ने सवाल उठाए कि पासपोर्ट अधिनियम के किस प्रावधान के तहत पुलिस आंदोलनकारी किसानों के पासपोर्ट व वीजा रद्द करने की कार्रवाई कर रही है। पुलिस क्या सीधे विदेशी उच्चायोग से संपर्क कर रही है। पुलिस ने कितने आंदोलनकारी किसान चिह्नित किए हैं। वहीं कितनों किसानों पर किस नियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। राज्यसभा सदस्य ने एसपी अंबाला से पांच दिन के भीतर यह जानकारी मांगी है।