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Ambala News: कैदी ने लगाए जेल स्टाफ पर मारपीट के आरोप, मानवाधिकार आयोग में शिकायत

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अंबाला। हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी ने सेंट्रल जेल स्टाफ पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। कैदी की पत्नी ने एक शिकायत डीजीपी को दी और न्यायालय में याचिका भी लगाई है। इसके अलावा पंचकूला मानव अधिकार आयोग को पत्र भेजकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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कैदी जसविंद्र उर्फ उर्फ प्रिंस की पत्नी मंजू का आरोप है कि जसविंद्र आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। पांच जनवरी को पैरोल से वापस जेल गया तो जेल प्रशासन ने पैसों की मांग की। जसविंद्र जेल की एसटीडी से फोन कर सारी बात बताते थे। दो दिन तक जब कोई फोन नहीं आया तो वह 18 जनवरी को मुलाकात के लिए गई थी।
आरोप लगाया है कि देखा तो 4-5 मुलाजिम उनके साथ थे और चेहरे, हाथ-पैरों पर सूजन थी। जसविंद्र ने बताया कि जेल वार्डर, उपअधीक्षक, अधीक्षक सहित अन्य 7-8 मुलाजिमों ने मारपीट की। बताया था कि पांच जनवरी को जेल जाने के बाद से जेल प्रशासन मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। जब से वह वापस आया है और वो नशा कर रहा है। इसी बात पर डंडों से मारना शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि बेहोश होने तक पीटा और ठंडे पानी में सिर डुबाेकर होश में लाए और मारपीट की। महिला ने आरोप लगाया कि ठंड में कोर्ट और थाने के चक्कर काटने पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब महिला ने निष्पक्ष जांच करने की गुहार लगाई है।
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वर्जन
धारा 302 के तहत जसविंद्र को आजीवन कारावास की सजा हुई है। पैरोल से लौटने के बाद कैदी के साथ जेल में मारपीट हुई। चेहरे, हाथ-पैरों पर सूजन और नील के निशान थे। इसके लिए मानवाधिकार आयोग पंचकूला के अलावा डीजीपी को शिकायत की है। इसके अलावा जिला और सत्र न्यायालय में भी याचिका लगाई है।
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सुमित, परिजन पक्ष का वकील
वर्जन

कैदी जसविंद्र नशे का आदी है। मारपीट का मामला सामने आने पर अपने स्तर पर जांच कराई थी लेकिन मारपीट की बात सामने नहीं आई।
सतविंद्र गोदारा, जेल अधीक्षक, सेंट्रल जेल।
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