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Ambala News: कबूतरबाजों पर नकेल कसने की तैयारी, इमीग्रेशन सेंटरों के लिए सख्त होंगे नियम

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वैभव शर्मा
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अंबाला। हरियाणा और पंजाब में विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले लगातार उजागर होते रहे हैं, मगर इसे लेकर दोनों ही राज्यों में अभी तक सख्त नियम नहीं बनाए गए। हाल ही में सूबे के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ऐसे मामलों पर लगाम लगाने के लिए एसआईटी का गठन किया था। अब एक कदम आगे बढ़कर एसआईटी की ओर से इमीग्रेशन सेंटरों को लेकर सख्त नियमों का ड्राफ्ट तैयार किया गया है, जिसे अब उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। माना जा रहा है कि इससे कबूतरबाजी पर शिकंजा कसा जा सकेगा।
कबूतरबाजी के बढ़ते मामलों के बाद पहली बार इमीग्रेशन सेंटरों पर नकेल कसने की तैयारी है। इसके तहत तैयार किया गया ड्राफ्ट लागू होने के बाद इमीग्रेशन सेंटर बिना पंजीकरण के नहीं चल सकेंगे। साथ ही पंजीकरण कराने के लिए भी नियमों को सख्त करने की तैयारी है। वहीं अगर किसी पर पहले से ठगी या अन्य प्रकार की एफआईआर दर्ज है तो उन सेंटरों को पंजीकरण से बाहर किया जा सकता है। ऐसे में कोई भी सेंटर लोगों को धोखे में रखकर उन्हें विदेश नहीं भेज सकेगा। न ही लोग ठगी के शिकार होंगे। विदित हो कि इससे पहले पंजाब में अकाली दल ने सरकार से लेकर कोर्ट तक इमीग्रेशन नियम बनाने के लिए लड़ाई लड़ी थी, मगर इसमें अधिक सफलता नहीं मिली।
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हरियाणा में पंजीकृत हैं महज सात इमीग्रेशन सेंटर

इमीग्रेशन सेंटर विदेश भेजने के लिए लोगों को तैयार करते हैं और उनकी फाइल को पास कराते हैं। मौजूदा समय में देश में 1075 इमीग्रेशन सेंटर ही विदेश मंत्रालय में पंजीकृत हैं, जिसमें सात सेंटर हरियाणा के हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग अनाधिकृत तरीके से विदेश भेजने का कार्य करते हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि हरियाणा में कितने बड़े पैमाने पर इमीग्रेशन सेंटर का धंधा फलफूल रहा है।

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अभी तक 90 करोड़ की ठगी, करनाल और अंबाला टॉप पर

गृहमंत्री विज के निर्देश पर जब एसआईटी का गठन हुआ तो इसकी जिम्मेदारी अंबाला रेंज के आईजी सिवास कविराज को दी गई। उन्होंने प्रदेशभर में विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामलों पर मॉनीटरिंग की तो इसमें बड़ा खुलासा हुआ। अभी तक एसआईटी के सामने विदेश भेजने के नाम पर हरियाणा के लोगों से 90 करोड़ रुपये की ठगी सामने आ चुकी है। इसमें सबसे अधिक मामले करनाल, अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, कैथल से सामने आए हैं। एसआईटी 375 ऐसी एफआईआर पर मॉनीटरिंग कर रही है, जो पहले से जांच के स्तर पर हैं। वहीं एसआईटी के गठन के बाद 138 एफआईआर और दर्ज की गई है।
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हमने कबूतरबाजी के मामलों को देखते हुए अपने यहां नियमों को सख्त करने के एसआईटी को निर्देश दिए हैं। अब एसआईटी के अधिकारी ऐसे सेंटरों के पंजीकरण के लिए सख्त नियम बना रहे हैं, जिसमें इमीग्रेशन सेंटरों को सख्त नियमों से गुजरकर पंजीकरण कराना होगा। उम्मीद है इससे कबूतरबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। अनिल विज, गृहमंत्री, हरियाणा
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