नारायणगढ़ में प्रकाश पूरब पर कीर्तन सुनती संगत
नारायणगढ़। गुरुद्वारा श्री सिंह सभा की ओर से श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश उत्सव बड़ी श्रद्धा से साथ मनाया। इस अवसर पर हजूरी रागी मलकीत सिंह, रणजीत सिंह, नवदीप सिंह और संत फरिंद्र पाल गुलियानी ने संगत को कथा, कीर्तन और गुरु इतिहास सुनाकर निहाल किया।
गुरुद्वारा श्री सिंह सभा के सचिव फरिंद्र गुलियानी ने गुरु साहिब के जीवन पर प्रकाश डाला व बताया कि गुरु गोबिंद साहिब जी का जन्म पटना साहिब की धरती पर माता गुजरी की कोख व पिता गुरु तेग बहादुर साहिब के घर हुआ। कुछ वर्ष पटना साहिब में रहने के बाद गुरु गोबिंद सिंह जी आनंदपुर साहिब की धरती पर पहुंचे जहां पर पंज प्यारों को अमृत की दात दी और उनसे अमृत की दात खुद प्राप्त करके गुरु वाले बने ओर पांच ककार धारण किए।
गुलियानी ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की और अपने जीवन काल में 14 जंग लड़ी और जीत हासिल की। गुरुद्वारा श्री सिंह सभा के सचिव फरिंद्र पाल गुलियानी ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा दिखाए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर अमोलक सिंह गुलियानी, राजू मक्कड़, पूर्ण सिंह, सुरजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, गगनदीप सिंह,अमनदीप सिंह चंडोक, बलविंदर भाटिया, जसबीर खुराना सहित भारी संख्या में संगत मौजूद थी।